सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर अमेरिकी दूतावास ने नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी
हूती हमलों के कारण सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर अमेरिकी दूतावास ने अलर्ट जारी किया है। हजारों उड़ानें रद्द हुई हैं।

रियाद: सऊदी अरब के हवाई अड्डों का इस्तेमाल करने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने चेतावनी जारी की है। दूतावास ने सुरक्षा खतरों और उड़ानों में हो रही भारी गड़बड़ी का हवाला देते हुए नागरिकों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है।
यह चेतावनी ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा नागरिक हवाई अड्डों और तेल पंपिंग स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर किए जा रहे बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद आई है। 26 अक्टूबर 2026 को सऊदी अधिकारियों ने रियाद की ओर आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने की पुष्टि की थी, जिसके बाद स्थानीय निवासियों को हवाई खतरों के अलर्ट भेजे गए थे।
इन हमलों का असर हवाई सेवाओं पर बहुत ज्यादा पड़ा है। 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के बीच रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट की लगभग 86 प्रतिशत निर्धारित उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिनमें कुल 4,071 उड़ानें शामिल थीं। पूरे किंगडम में इस दौरान 7,800 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जो कुल निर्धारित प्रस्थान का 45 प्रतिशत है।
किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट 25 अक्टूबर को घरेलू और कुछ अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के लिए आंशिक रूप से खुला, लेकिन हूती विद्रोहियों ने इस हवाई अड्डे को सैन्य लक्ष्य घोषित किया है। इस वजह से कुछ एयरलाइंस ने अपना कामकाज कसीम के प्रिंस नाइफ बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शिफ्ट कर दिया है और डेल्टा एयरलाइंस ने अपना प्रस्तावित रूट अगले साल तक टाल दिया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद और अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने के जोखिम के कारण इस क्षेत्र के लिए 'लेवल 3: यात्रा पर पुनर्विचार करें' की सलाह जारी रखी है। 23 अक्टूबर 2026 से विदेश विभाग ने गैर-आपातकालीन अमेरिकी सरकारी कर्मियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया है।
देश में मौजूद बाकी सरकारी कर्मचारियों को अब चीफ ऑफ मिशन की विशेष अनुमति के बिना किसी भी सऊदी हवाई अड्डे का उपयोग करने से मना किया गया है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए सऊदी सरकार के अनुरोध पर ग्रीस ने यानबू में पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम तैनात किया है।