अमेरिकी ऊर्जा विभाग का कर्मचारी हूती विद्रोहियों की मदद के आरोप में गिरफ्तार

Nura Basta1 October 20263 min read0 viewsYemen
अमेरिकी ऊर्जा विभाग का कर्मचारी हूती विद्रोहियों की मदद के आरोप में गिरफ्तार

अक्सर सरकारी पदों पर बैठे लोग देश की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन कई बार कुछ ऐसे चौंकाने वाले मामले सामने आते हैं जो हर किसी को हैरान कर देते हैं। हाल ही में अमेरिका से एक ऐसा ही गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां अमेरिकी ऊर्जा विभाग (U.S. Department of Energy) के एक कर्मचारी को एक खतरनाक आतंकवादी संगठन की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इस सनसनीखेज खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है।

क्या है पूरा मामला?

संघीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, वाशिंगटन के रिचलैंड में रहने वाले 51 वर्षीय एश्टन हामिद एल्लाबुडी (Ashton Hamed Ellaboudy) को हूती (Houthi) आतंकवादी संगठन को सामग्री और तकनीकी सहायता प्रदान करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। एल्लाबुडी ऊर्जा विभाग में एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे और इससे पहले वह अमेरिकी सेना कॉर्प्स ऑफ इंजीनियर्स के साथ भी काम कर चुके थे।

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जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने कथित तौर पर विस्फोटक बनाने वाले रसायन और ड्रोन के पुर्जे जुटाए थे। संघीय दस्तावेजों के मुताबिक, नवंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच उसने नाइट्रिक एसिड, अमोनियम नाइट्रेट, हाइड्रोजन पेरोक्साइड, सल्फ्यूरिक एसिड और पोटेशियम नाइट्रेट जैसे खतरनाक प्रीकर्सर केमिकल्स के साथ-साथ एल्यूमीनियम पाउडर और ड्रोन कंपोनेंट्स की खरीद की थी।

अंजाम तक पहुंचने की खतरनाक साजिश

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि दिसंबर 2024 में एल्लाबुडी ने अत्यधिक केंद्रित नाइट्रिक एसिड के संपर्क में आने का हवाला देकर अपने विभाग से चिकित्सीय अवकाश (sick leave) लिया था। इसके बाद सितंबर 2025 में उसने अपने आधिकारिक पासपोर्ट का इस्तेमाल करके रिचलैंड से ओमान की यात्रा की और फिर वहां से यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्र में घुसपैठ कर सना पहुंचने की कोशिश की।

अभियोजकों का आरोप है कि एल्लाबुडी ने एफबीआई के एक गुप्त मुखबिर से संपर्क किया था, जो खुद को हूती सहयोगी के रूप में पेश कर रहा था। आरोपी ने इस दौरान समूह को तकनीकी स्कीमेटिक्स प्रदान किए, सोलर पावर जेनरेटर का परीक्षण किया और उनके संचार उपकरणों (communication equipment) को बेहतर बनाने में मदद की।

अमेरिका लौटने पर झूठ और फिर गिरफ्तारी

यमन से वापस लौटने के बाद, जब अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) अधिकारियों ने उससे पूछताछ की, तो उसने दावा किया कि वह सरकारी काम के सिलसिले में यात्रा पर गया था। हालांकि, जांच एजेंसियों की पैनी नजर से वह बच नहीं सका।

राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के सहायक महान्यायवादी ने इस मामले को बेहद चिंताजनक करार देते हुए कहा कि आरोपी ने अपनी विशेष विशेषज्ञता का इस्तेमाल हूती संगठन को विस्फोटक और ड्रोन तकनीक हासिल करने में मदद के लिए किया। ऊर्जा विभाग के स्थानीय कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि इस पूरी जांच का हैंफोर्ड साइट (Hanford Site) या उसके कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने के किसी प्रयास से कोई संबंध नहीं था।

यदि एल्लाबुडी पर लगे ये गंभीर आरोप अदालत में साबित हो जाते हैं, तो उसे संघीय जेल में 20 साल तक की लंबी सजा हो सकती है। एफबीआई इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

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