US का बड़ा बयान, बातचीत पसंद है लेकिन जरूरत पड़ने पर ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह कर देंगे

Aanya26 August 20262 min read46 viewsWorld
US का बड़ा बयान, बातचीत पसंद है लेकिन जरूरत पड़ने पर ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों को तबाह कर देंगे

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। US Energy Secretary Chris Wright ने 26 अगस्त 2026 को साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका बातचीत के रास्ते को अब भी प्राथमिकता देता है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को रोकने के लिए उसके न्यूक्लियर ठिकानों को पूरी तरह तबाह करने के लिए तैयार है। यह बड़ा बयान उन्होंने वाशिंगटन में एक मैरीटाइम न्यूक्लियर एनर्जी इवेंट के दौरान IAEA प्रमुख Rafael Grossi की मौजूदगी में दिया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षण के जरिए ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को आगे बढ़ने से रोकना ट्रंप प्रशासन की पुरानी नीति है।

ईरान न्यूक्लियर वेपन्स के बेहद करीब

अमेरिकी ऊर्जा सचिव ने इससे पहले 13 मई और 14 मई 2026 को भी सांसदों के सामने चेतावनी दी थी कि ईरान न्यूक्लियर वेपन हासिल करने के मामले में डरावनी हद तक करीब पहुंच चुका है। उस समय उन्होंने बताया था कि ईरान हथियारों के स्तर तक यूरेनियम को समृद्ध करने से केवल कुछ ही हफ्तों की दूरी पर है। उन्होंने ईरान के पास मौजूद 60% और 20% यूरेनियम के बड़े स्टॉक को लेकर गहरी चिंता जताई थी। अमेरिकी प्रशासन का यह भी कहना है कि वे ईरान को औपचारिक बातचीत की टेबल पर वापस लाने के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी में नहीं हैं।

आर्थिक चुनौतियों के बीच ईरान का रुख

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपनी कूटनीतिक कोशिशों के साथ-साथ न्यूक्लियर खतरों से निपटने के अपने सख्त रुख पर भी कायम है। दूसरी तरफ, अमेरिका के इस कड़े दबाव के बावजूद ईरान लगातार आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और देश के भीतर आत्मनिर्भर बने रहने की बात कह रहा है। इस पूरी स्थिति की आधिकारिक जानकारी US Department of Energy की वेबसाइट पर दी गई है, जहाँ अमेरिकी प्रशासन की नीतियों और बयानों को साझा किया गया है। खाड़ी देशों और दुनिया भर में इस बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर साफ तौर पर देखा जा रहा है।

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