यूएस दूत विटकॉफ और कुशनर पहुंचे कीव, राष्ट्रपति जेलेंस्की के साथ शांति वार्ता शुरू

अमेरिकी विशेष दूत Steve Witkoff और राष्ट्रपति के सलाहकार Jared Kushner रविवार, 6 सितंबर 2026 को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे। यह दौरा पिछले चार साल से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कीव पहुंचने से पहले इन अमेरिकी दूतों ने मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ तीन घंटे तक लंबी बैठक की थी। इस शांति मिशन के जरिए दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव को कम करने और एक स्थायी समाधान निकालने पर जोर दिया जा रहा है, जिसे आम लोग भी बड़ी उम्मीद के साथ देख रहे हैं।
हिंसा के बीच ट्रेन से तय किया सफर
कीव आने से पहले रूसी सेना ने शनिवार रात को यूक्रेन के कई इलाकों में ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। सुरक्षा कारणों के चलते अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के विमान को कीव जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद दोनों दूतों ने अपनी यात्रा का आखिरी हिस्सा ट्रेन के जरिए पूरा किया। हालांकि देश के दूसरे हिस्सों में हमले हुए, लेकिन राजधानी कीव के अंदर किसी भी नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इस diplomatic दौरे से पहले रूस और यूक्रेन के बीच यह सहमति बनी थी कि दोनों पक्ष एक-दूसरे की राजधानियों को निशाना नहीं बनाएंगे। इसके साथ ही राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने 5 सितंबर की आधी रात से 8 सितंबर तक संघर्षविराम का ऐलान किया था और यह भरोसा दिया था कि अमेरिकी दूतों के दौरे के दौरान यूक्रेनी सेना भी रूस पर कोई हवाई हमला नहीं करेगी।
कीव के सोफिया स्क्वायर में हुआ स्वागत
यूक्रेन के राष्ट्रपति Volodymyr Zelenskyy ने कीव के प्रसिद्ध Sophia Square में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनका देश शांति, सुरक्षा की गारंटी और युद्ध के बाद के हालातों को सुधारने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का आभार जताया जिन्होंने इस शांति मिशन को आगे बढ़ाने में मदद की। यूक्रेन की विदेशी खुफिया सेवा के प्रमुख Rustem Umerov ने भी टेलीग्राम के जरिए अमेरिकी दल के पहुंचने की पुष्टि की। अमेरिका के इन दूतों के आने से ठीक पहले ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी रविवार को कीव का दौरा कर चुके थे।
मॉस्को बैठक को बताया गया बेहद गंभीर
मॉस्को में हुई बैठक के बाद क्रेमलिन के सलाहकार Yury Ushakov ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई इस चर्चा को बहुत ही गंभीर और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि पुतिन ने कूटनीतिक रास्ते से ही इस समस्या को सुलझाने की बात दोहराई है, साथ ही यह भी कहा कि इस युद्ध की असली वजहों को समझना बहुत जरूरी है। मॉस्को की इस बैठक में आर्थिक मामलों और अमेरिका-रूस के बीच संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर भी बातचीत की गई। जब अमेरिकी दल मॉस्को पहुंचा था, तब रूसी दूत Kirill Dmitriev ने उनका स्वागत किया था। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि मॉस्को की बैठकों में आगे के कदमों पर बात हुई है जिनकी पूरी डिटेल आने वाले हफ्तों में सामने आएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही शुक्रवार को कहा था कि उनके दूत इस चार साल पुराने युद्ध को रोकने के लिए एक नया प्रस्ताव लेकर चल रहे हैं, हालांकि उन्होंने उस समय कोई खास जानकारी नहीं दी थी। इस पूरी प्रक्रिया से यह साफ है कि अमेरिका इस विवाद को खत्म करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर चुका है।