इराक से अमेरिकी सेना की अंतिम टुकड़ी की वापसी: ट्रंप ने किया बड़े मिशन के अंत का ऐलान

Gautam Sahu30 September 20263 min read9 viewsWorld
इराक से अमेरिकी सेना की अंतिम टुकड़ी की वापसी: ट्रंप ने किया बड़े मिशन के अंत का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी सैनिकों की अंतिम टुकड़ी अब इराक से बाहर निकल रही है। ट्रंप ने 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्यूशन' के औपचारिक समापन की घोषणा की और इस वापसी को ISIS पर एक "निर्णायक जीत" बताया। उन्होंने इसे संयुक्त राज्य अमेरिका और इराक, दोनों के लिए एक बड़ी सफलता करार दिया है।

ISIS के खात्मे और मिशन की सफलता का दावा

मीडिया को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अंतिम अमेरिकी बल इराक छोड़ रहे हैं। यह दिन अमेरिका और इराक के लिए जीत का दिन है। हमने ISIS को पूरी तरह से खत्म कर दिया है, जो हमारी इस जीत का सबसे बड़ा प्रमाण है।"

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ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान में कहा कि यह कदम इतिहास का हिस्सा बनेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले दो दशकों से अमेरिका इस उलझन में फंसा हुआ था, लेकिन अब वह समय समाप्त हो रहा है।

ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्यूशन का लंबा सफर

ट्रंप के अनुसार, 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजॉल्यूशन' की शुरुआत 2003 में राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश के कार्यकाल में हुई थी। इसके बाद बराक ओबामा और जो बाइडन के प्रशासन में भी यह जारी रहा। अब ट्रंप के नेतृत्व में 2026 तक इस मिशन को पूरी तरह से समाप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने कहा, "हम एक खिलाफत (Caliphate) से लड़ने आए थे, और अब वहां कोई खिलाफत नहीं बची है। अब हमारे घर लौटने का समय आ गया है!"

अफगानिस्तान से तुलना और इराक की स्थिति

ट्रंप ने अफगानिस्तान से हुई अमेरिकी वापसी की तुलना इराक से करते हुए कहा कि इराक से वापसी बहुत ही व्यवस्थित तरीके से की जा रही है। उन्होंने कहा, "अफगानिस्तान के विपरीत, जहां सैन्य उपकरण पीछे छूट गए थे और हमारे योद्धा शहीद हुए थे, इराक के एरबिल एयर बेस से गठबंधन बलों और उपकरणों की यह व्यवस्थित वापसी एक सफल मिशन का संकेत है।"

उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपने कमांडरों को मिशन पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन दिए और किसी भी अस्थायी उपस्थिति को स्थायी नहीं होने दिया।

इराक के नए प्रधानमंत्री का समर्थन

इस अवसर पर ट्रंप ने इराक के नए प्रधानमंत्री अली अल-जाइदी की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "इराक के पास अब एक शानदार प्रधानमंत्री है, अली अल-जाइदी। मैंने शुरू से ही उनका समर्थन किया है। उन्होंने एक बड़ी जीत हासिल की है और मुझे उम्मीद है कि वे देश को बेहतर तरीके से संभालेंगे।"

इराक में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का इतिहास

इराक में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति का इतिहास काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

  • 2003: अमेरिकी आक्रमण के साथ सैन्य उपस्थिति शुरू हुई।
  • 2011: आठ साल की मौजूदगी के बाद अमेरिकी सेना ने पहली बार इराक छोड़ा।
  • 2014: ISIS के उदय और बगदाद के लिए खतरे को देखते हुए अमेरिकी सेना वापस लौटी।
  • 2019: सैन्य रूप से ISIS की हार के बावजूद, समूह के पुनरुत्थान को रोकने के लिए अमेरिकी बल वहां मौजूद रहे।

गौरतलब है कि इराक में अमेरिकी सैनिकों की वापसी की योजना बाइडेन प्रशासन द्वारा 2024 में तैयार की गई थी, जिसमें 30 सितंबर को अंतिम समय सीमा तय की गई थी। ट्रंप प्रशासन इस योजना को लागू करने की दिशा में काम कर रहा है।

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