अमेरिका ने ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स पर किया हमला, लार्लक द्वीप पर तबाही के बाद तनाव बढ़ा

अमेरिका की सैन्य ताकतों ने 30 अगस्त 2026 को एक बड़े एक्शन के तहत लार्लक द्वीप पर ईरान के दो मिसाइल प्लेटफॉर्म्स को निशाना बनाया और उन्हें पूरी तरह से तबाह कर दिया। एक्सियोस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले की जानकारी एक अमेरिकी अधिकारी ने दी है, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कार्रवाई तब की गई जब रिवोल्यूशनरी गार्ड के जवानों को होर्मुज जलडमरूमध्य की तरफ समुद्री बारूदी सुरंगों से लैस रॉकेट दागने की तैयारी करते हुए देखा गया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, खासकर उन प्रवासियों के लिए जो इन इलाकों में काम करते हैं और लगातार आने वाली ऐसी खबरों से परेशान रहते हैं।
ओमान के पास टैंकर पर हुआ हमला
अमेरिकी कार्रवाई से ठीक पहले इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक और बड़ी घटना सामने आई थी, जिसमें ओमान के खसाब शहर से 12 नॉटिकल मील उत्तर में एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया था। यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ एजेंसी ने इस बात की पुष्टि की है कि टैंकर पर हुए इस हमले के बाद गनीमत यह रही कि किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और न ही पर्यावरण को कोई क्षति पहुंची। इस तरह की घटनाएं लगातार समुद्री रास्तों से व्यापार करने वाले देशों और वहां से गुजरने वाले जहाजों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही हैं, जिससे आम आदमी और सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ईरानी मीडिया के अलग-अलग दावे
इस हमले के बाद ईरानी मीडिया संस्थानों की तरफ से इस पूरी घटना को लेकर अलग-अलग और विरोधाभासी रिपोर्ट्स सामने आईं। फार्स न्यूज एजेंसी ने द्वीप के पास एक बड़ा धमाका होने की बात तो स्वीकार की, लेकिन शुरुआती दौर में यह कहा गया कि धमाके की असल वजह अभी साफ नहीं हो पाई है। वहीं दूसरी तरफ, तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बिना पुष्टि वाली खबरों का हवाला देते हुए दो लोगों की मौत और दो के घायल होने की बात कही और इस पूरी घटना को 'दुश्मन का ड्रोन हमला' करार दिया। रविवार तक ईरान के आधिकारिक अधिकारियों की तरफ से इस हमले में किसी की मौत होने या कोई पुख्ता जानकारी देने के लिए कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे स्थिति अभी भी संशय और तनाव से भरी हुई है।