इराक से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी: राष्ट्रपति ट्रंप ने किया बड़ा ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा है कि इराक से अमेरिकी सेना की पूर्ण वापसी पूरी हो चुकी है। 30 सितंबर, 2026 को ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के माध्यम से इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि की। उन्होंने इस विदाई को "अमेरिका के लिए एक महान दिन" बताया और इस प्रक्रिया में इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी के सहयोग की सराहना की।
ऑपरेशन इनहेरेंट रिजोलव का 12 साल का सफर समाप्त
यह कदम इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ लड़ने के लिए 2014 में शुरू किए गए 'ऑपरेशन इनहेरेंट रिजोलव' के समापन का प्रतीक है। पिछले 12 वर्षों से चल रहे इस अभियान का अंतिम चरण उत्तरी इराक के एरबिल एयर बेस से कर्मियों और उपकरणों की व्यवस्थित विदाई के साथ पूरा हुआ।
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल के अनुसार, यह बदलाव अब युद्धकालीन गठबंधन मिशन से हटकर एक सामान्य द्विपक्षीय सुरक्षा संबंध की ओर बढ़ने का संकेत है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडम ब्रैड कूपर ने स्पष्ट किया है कि यद्यपि सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी अब इराक सरकार की है, लेकिन ISIS के संभावित खतरों से निपटने के लिए अमेरिकी और गठबंधन सेनाएं क्षेत्र में तैनात रहेंगी।
इराक में 'संप्रभुता दिवस' का जश्न
इस ऐतिहासिक मोड़ पर इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने 30 सितंबर को "संप्रभुता दिवस" घोषित किया है। इस अवसर पर पूरे देश में तीन दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश मनाया जा रहा है। इराक सरकार का मानना है कि अब देश का सुरक्षा ढांचा पूरी तरह से उसके अपने नियंत्रण में है।
इस वापसी पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं:
- विपक्ष और सशस्त्र समूह: ईरान से जुड़े समूह कताइब हिजबुल्लाह के अबू मुजाहिद अल-असाफ ने इसे "कब्जा करने वाली सेनाओं का निष्कासन" करार दिया।
- कुर्द क्षेत्रीय सरकार: कुर्द प्रशासन ने अमेरिकी सेना के जाने के बाद सुरक्षा अंतराल को लेकर चिंता जताई है। उनका मुख्य डर ड्रोन और मिसाइल हमलों के खिलाफ एक व्यापक रक्षा प्रणाली की कमी को लेकर है।
भविष्य की रणनीति और सुरक्षा चुनौतियां
यद्यपि मुख्य सैन्य मिशन समाप्त हो गया है, लेकिन अमेरिका इराक के सहयोगियों को खुफिया जानकारी और प्रशिक्षण प्रदान करना जारी रखेगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत 2024 में वाशिंगटन और बगदाद के बीच हुए समझौते के तहत हुई थी, जिसके बाद अगस्त 2025 में जमीनी सेना को बगदाद और प्रमुख ठिकानों से हटा दिया गया था।
सुरक्षा के मोर्चे पर, इराक सरकार ने गैर-राज्य सशस्त्र समूहों के निशस्त्रीकरण के लिए जून 2027 तक की समय सीमा निर्धारित की है। वहीं, गठबंधन के 'कंबाइंड जॉइंट टास्क फोर्स' ने अपनी मुख्यालय की जिम्मेदारी सीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ अभियानों को जारी रखने के लिए जॉर्डन में स्थानांतरित कर दी है।