अमेरिका ने टर्की के गोल्डन ग्लोबल बैंक पर लगाई कड़ी पाबंदियां, ईरान के साथ पैसों के लेन-देन का लगा आरोप

अमेरिका ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को तुर्किए (टर्की) में स्थित एक बड़े वित्तीय संस्थान और उसकी दो सहायक कंपनियों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कार्रवाई अमेरिकी सरकार द्वारा शुरू किए गए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत 24 अगस्त 2026 को हुई थी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के विदेशी संपत्तियों नियंत्रण कार्यालय (OFAC) ने Golden Global Yatirim Bankasi Anonim Sirketi यानी गोल्डन ग्लोबल बैंक को उसके दो अन्य संस्थानों के साथ कार्यकारी आदेश 13902 के तहत बैन कर दिया है। इस बड़े कदम से अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सेक्टर में हड़कंप मच गया है और ईरान के साथ व्यापार करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसता जा रहा है।
करोड़ों डॉलर के लेनदेन का गंभीर आरोप
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, इस बैंक ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स-कुड्स फोर्स (IRGC-QF) के लिए करोड़ों डॉलर के लेनदेन में मदद की थी। बैंक ने ईरानी शासन को बेहद जरूरी कॉरेस्पोंडेंट बैंकिंग सेवाएं भी मुहैया कराईं। अधिकारियों का आरोप है कि इस बैंक को खासतौर पर 'रहबर' शैडो-बैंकिंग नेटवर्क की मदद के लिए बनाया गया था, जिसका काम चीन से तुर्किए तक तेल के पैसों को ट्रांसफर करना था। इन पैसों को बाद में नकद और सोने में बदला जाता था। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने साफ किया कि सरकार इस अभियान को लेकर पूरी तरह गंभीर है और अगले हफ्ते ईरान से जुड़े अन्य बैंकों पर भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ट्रेजरी विभाग ने इन प्रतिबंधित संस्थानों के साथ लेनदेन समेटने के लिए 8 सितंबर 2026 तक का एक जनरल लाइसेंस जारी किया है। इस बारे में अधिक जानकारी यूएस ट्रेजरी की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत दूसरी बड़ी कार्रवाई
यह पहला मौका नहीं है जब अमेरिका ने इस अभियान के तहत किसी बैंक को पकड़ा है। पिछले हफ्ते ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में काम कर रहे एक मिस्र (इजिप्त) के बैंक के खिलाफ भी ऐसा ही एक्शन लिया गया था। इसके साथ ही, अमेरिका इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक नाकेबंदी भी कर रहा है, ताकि चीन जाने वाले ईरानी कच्चे तेल के शिपमेंट को रोका जा सके। अमेरिका के इन सख्त कदमों से मध्य पूर्व और खाड़ी देशों के वित्तीय बाजारों में भी चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि कई भारतीय प्रवासी जो इन देशों में रहते हैं, वे इस तरह के भू-राजनीतिक बदलावों और आर्थिक गतिविधियों पर कड़ी नजर रखते हैं।
दूसरी तरफ, गोल्डन ग्लोबल बैंक ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग के सभी नियमों और मानकों का पूरी तरह पालन करता है। बैंक ने अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल करने और अदालत का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एएनआई न्यूज पर भी प्रकाशित की गई है, जहां बैंक के बयान को विस्तार से साझा किया गया है।