अमेरिका का ईरान पर बड़ा शिकंजा, तुर्की के इस बैंक पर लगाए कड़े प्रतिबंध और बढ़ाई आर्थिक मुश्किलें

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव को और अधिक तेज कर दिया है और तेहरान के वित्तीय तंत्र को तोड़ने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने आधिकारिक रूप से घोषणा की कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से दूर रखने के लिए वाशिंगटन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने जानकारी दी कि अमेरिका उन सभी संसाधनों को पूरी तरह से बंद करने में लगा है जिनका इस्तेमाल क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। ये तमाम उपाय ट्रेजरी सचिव Scott Bessent द्वारा 24 अगस्त 2026 को शुरू किए गए 'Operation Economic Outcast' अभियान का हिस्सा हैं, जिसका मुख्य मकसद प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क और आतंकवाद को मिलने वाली फंडिंग को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई है।
तुर्की के वित्तीय संस्थान पर गिरी गाज
इस सख्त अभियान के तहत अमेरिका ने 4 सितंबर 2026 को तुर्की की एक वित्तीय संस्था Golden Global Yatirim Bankasi Anonim Sirketi पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। इस बैंक पर आरोप है कि यह ईरानी सरकार के लिए एक मुख्य वित्तीय जरिया बना हुआ था और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के लेन-देन को बढ़ावा दे रहा था। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने उन सभी संस्थाओं और कंपनियों को कड़ी चेतावनी दी है जो ईरान के साथ व्यापारिक रिश्ते रख रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जो भी संस्थान ईरान के साथ कारोबार करेगा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिकी सरकार अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तब तक कदम उठाती रहेगी जब तक कि ईरान की वित्तीय ताकत पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाती। ये प्रतिबंध एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 13902 के तहत लागू किए गए हैं और विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय OFAC का कहना है कि इसका अंतिम उद्देश्य ईरानी सरकार के रवैये में सकारात्मक बदलाव लाना है।
ईरान के भीतर गहराता आर्थिक संकट
अमेरिकी प्रतिबंधों और नाकेबंदी का असर अब ईरान के अंदर साफ तौर पर दिखाई देने लगा है जिससे वहां की अर्थव्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। देश के भीतर आर्थिक मोर्चे पर भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है और 4 सितंबर 2026 तक अमेरिकी डॉलर की ब्लैक मार्केट में कीमत बढ़कर 2.2 मिलियन रियाल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। इस गिरती हालत पर बात करते हुए ईरान के सेंट्रल बैंक के गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने बाजार में जारी इन उतार-चढ़ाव को स्वीकार किया और भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर बैंक द्वारा बाजार में दखल दिया जाएगा। ईरानी अधिकारियों ने यह भी माना है कि इन प्रतिबंधों की वजह से देश के अंदर चल रहे जरूरी बुनियादी ढांचे के विकास कार्यों में बहुत अधिक देरी हो रही है। इस बारे में अधिक जानकारी राज्य के दस्तावेजों में देखी जा सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदले हालात और नए नियम
ईरान के खिलाफ उठाए जा रहे कदमों के तहत अमेरिका ने ईरानी लेनदेन और प्रतिबंध नियमों के अंतर्गत पांच जनरल लाइसेंसों को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया है जो 24 अगस्त 2026 से प्रभावी हो चुके हैं और इनके खत्म होने की प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 तक पूरी होगी। इसके अलावा OFAC ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अपनी एडवाइजरी को भी अपडेट कर दिया है और चेतावनी जारी की है कि जो भी जहाज 'Persian Gulf Strait Authority', 'Persian Gulf Marine Insurance Company' या 'HormuzSafe Marine Services Authority' के संपर्क में आएंगे, उन्हें अब विशेष रूप से नामित राष्ट्रीय यानी SDN घोषित कर दिया जाएगा। कूटनीतिक मोर्चे पर भी बदलाव दिख रहे हैं क्योंकि यूरोपीय संघ ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका के नेतृत्व वाले इस प्रतिबंध अभियान का समर्थन कर दिया है, जबकि दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी संभावित सैन्य भूमिका पर विचार कर रहा है। दूसरी तरफ ओमान ने व्यावसायिक जहाजों पर संयुक्त सेवा शुल्क लगाने के ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह से ठुकरा दिया है।