अमेरिका ने ST LNG प्रोजेक्ट को दी मंजूरी, भारत-अमेरिका ऊर्जा सहयोग में मील का पत्थर
अमेरिका ने ST LNG के 8.2 अरब डॉलर के LNG निर्यात प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और हजारों नौकरियां पैदा होंगी।

नई दिल्ली: यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) ने अमेरिका के परिवहन विभाग के मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन (MARAD) द्वारा ST LNG के डीपवाटर पोर्ट लाइसेंस आवेदन को मंजूरी दिए जाने का स्वागत किया है। भारतीय-अमेरिकी उद्यमी शरद टाक के नेतृत्व वाली इस कंपनी का यह प्रस्तावित लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात प्रोजेक्ट टेक्सास के तट पर स्थित होगा, जिस पर करीब 8.2 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा।
अमेरिकी परिवहन सचिव सीन पी. डफी ने 28 अक्टूबर को इस मंजूरी की घोषणा की। यह फैसिलिटी टेक्सास के मातागोर्डा से लगभग 10.4 मील दूर समुद्र में स्थित होगी। इसकी वार्षिक निर्यात क्षमता 8.4 मिलियन मीट्रिक टन LNG रहने की योजना है।
अमेरिकी परिवहन विभाग के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से देश की LNG निर्यात क्षमता में 7 से 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही, इससे निर्माण कार्य के दौरान लगभग 2,000 और स्थायी रूप से 855 नौकरियों के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
पूरी क्षमता पर इस फैसिलिटी में 2.1 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाले चार फ्लोटिंग लिक्विफैक्शन सिस्टम, चार फ्लोटिंग LNG स्टोरेज यूनिट, चार वेसल मूरिंग सिस्टम और 20 ऑफशोर प्लेटफॉर्म शामिल होंगे। इसे करीब 7.7 मील लंबी पाइपलाइन के जरिए मौजूदा बुनियादी ढांचे से जोड़ा जाएगा।
प्रोजेक्ट के लिए फीड गैस ट्रांसको पाइपलाइन सिस्टम के माध्यम से ट्रेस पालासियोस नेचुरल गैस स्टोरेज एंड ट्रेडिंग हब और विलियम्स मार्कहम गैस प्रोसेसिंग प्लांट से ली जाएगी। इसका निर्माण कार्य 2027 में शुरू होने और 2029 तक परिचालन शुरू होने का लक्ष्य रखा गया है।
USISPF के अध्यक्ष और सीईओ डॉ. मुकेश आघी ने कहा कि ऊर्जा अमेरिका और भारत की रणनीतिक साझेदारी के मुख्य स्तंभों में से एक है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक है और भारत सबसे बड़े आयातकों में शामिल है। उन्होंने बताया कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाना चाहता है और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना चाहता है, ऐसे में ST LNG जैसे प्रोजेक्ट दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक व्यापार के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
ST LNG के संस्थापक और सीईओ शरद टाक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में लगभग 8.2 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। यह अमेरिकी ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देगा, समुद्री उद्योग को मजबूत करेगा और टेक्सास गल्फ कोस्ट के साथ आर्थिक अवसर पैदा करेगा।
अमेरिकी परिवहन विभाग ने यह भी जानकारी दी कि MARAD ने इस प्रोजेक्ट का फाइनल एनवायर्नमेंटल इम्पैक्ट स्टेटमेंट 410 दिनों में पूरा कर लिया। इसे पिछले दो दशकों में डीपवाटर पोर्ट लाइसेंस की सबसे तेज समीक्षा बताया गया है। USISPF ने कहा कि वह द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच निवेश व वाणिज्यिक साझेदारी का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।