पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों को निशाना बनाने की तैयारी में ईरान, खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी के बाद बढ़ी टेंशन
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों को निशाना बनाने की तैयारी तेज कर दी है।

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका की एक नई खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी राजनयिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने की अपनी कोशिशें काफी बढ़ा दी हैं। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राजनयिकों के खिलाफ रची जा रही साजिशें अब काफी आगे बढ़ चुकी हैं। यह खुफिया मेमो अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को भेजा गया है।
अमेरिकी अधिकारियों को इस बात का भी डर है कि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोही अपने हमलों का दायरा सऊदी अरब से बढ़ाकर क्षेत्र के अन्य देशों तक फैला सकते हैं।
इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब में तैनात गैर-आपातकालीन कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों को वापस बुलाने का आदेश दिया है। विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने उन खबरों का खंडन किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिका कई खाड़ी दूतावासों से कर्मियों को हटाने की तैयारी कर रहा है।
पिगोट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह खबर गलत है और आदेश केवल सऊदी अरब के लिए जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर हूती बलों के बढ़ते हमलों और उससे होने वाले नागरिक नुकसान के कारण यह फैसला लिया गया है।
दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी सैन्य चेतावनी दी है। फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान उन्होंने कहा कि अगर ईरान राजनयिक समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो वॉशिंगटन एक और 'एपिक फ्यूरी' (Epic Fury) हमला कर सकता है।
ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर वे समझदार होंगे तो सीधे बातचीत करेंगे, लेकिन उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान ऐसा करेगा।
नवंबर के पहले हफ्ते में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बीच विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका और ईरान दोनों के कड़े रुख के कारण पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है।