अमेरिकी नागरिकों पर ईरान की साजिश का अलर्ट, सऊदी अरब और यूएई समेत कई देशों से स्टाफ हटाया
अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ईरान की साजिशों का अलर्ट जारी किया है। इसके बाद सऊदी अरब और UAE समेत कई देशों से स्टाफ हटाया गया।

वॉशिंगटन: अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी है कि ईरान ने विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की अपनी साजिशों को अंतिम चरण तक पहुंचा दिया है। नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर जे क्लेटन ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को जानकारी दी कि ईरान ने अमेरिकी कर्मियों को टारगेट करने की कोशिशें काफी तेज कर दी हैं। इस खतरे को देखते हुए वॉशिंगटन ने पूरे क्षेत्र में अपने राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा है।
इस खुफिया जानकारी के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कई दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम करने का आदेश दिया है। इसी हफ्ते सऊदी अरब में तैनात गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को वापस बुला लिया गया है। इसका असर रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास और जेद्दा व धहरान के काउंसलेट्स के कामकाज पर पड़ा है।
स्टाफ में कटौती केवल सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। संयुक्त अरब अमीरात, लेबनान, कतर और जॉर्डन में भी कर्मचारियों की संख्या घटाई गई है। अब ये सभी मिशन 'प्रतिबंधित संचालन' (रिस्ट्रिक्टेड ऑपरेशन्स) के तहत काम कर रहे हैं।
23 अक्टूबर 2026 को ईरान के लिए यात्रा संबंधी सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) को भी अपडेट किया गया है। इसमें आतंकवाद, अपहरण, मनमानी गिरफ्तारी, नागरिक अशांति और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के बढ़ते जोखिम के कारण ईरान की यात्रा न करने की चेतावनी दी गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हूती विद्रोहियों के हमलों और ईरानी आतंकी साजिशों की वजह से स्टाफ में ये बदलाव किए गए हैं।
सुरक्षा के इस तनावपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चुनावी रैली में कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले शुरू कर सकता है। इसके जवाब में ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के प्रमुख मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि तेहरान व्यापक जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि इस हमले में अंतरराष्ट्रीय डेटा सेंटर, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्र के नीचे बिछी केबलों को निशाना बनाया जा सकता है।