हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी झड़प, लarak द्वीप पर हवाई हमले के बाद भड़का तनाव.

Aanya31 August 20263 min read4 viewsUAE
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी झड़प, लarak द्वीप पर हवाई हमले के बाद भड़का तनाव.

अमेरिका और ईरान के बीच 29 जुलाई 2026 के बाद से पहली बार सीधी सैन्य झड़प देखने को मिली है, जिसका मुख्य केंद्र फारस की खाड़ी का रणनीतिक लarak द्वीप बना है। रविवार, 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बलों ने लarak द्वीप पर स्थित दो ईरानी रॉकेट लॉन्चरों पर सटीक हमले किए। अमेरिकी सेना के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने बताया कि यह कार्रवाई ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के उन सैनिकों के खिलाफ की गई थी, जिन्हें समुद्र में बारूद यानी समुद्री खदानें तैनात करते हुए देखा गया था। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और वैश्विक वाणिज्य के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया था। अमेरिकी सेना ने पिछले हफ्ते ही इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों से समुद्री खदानों को साफ करने का काम पूरा किया था।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और सरकारी बयान

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने जानकारी दी कि इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य कार्रवाई को उसकी राष्ट्रीय संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि हालांकि उनका देश युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन वह किसी भी प्रकार की आक्रामकता के सामने चुपचाप नहीं बैठेगा। वहीं दूसरी ओर, IRGC ने हमलावरों को जल्द ही कड़ा सबक सिखाने की चेतावनी जारी कर दी है।

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जॉर्डन और यूएई पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले

तनाव तब और बढ़ गया जब सोमवार, 31 अगस्त 2026 की सुबह ईरान की तरफ से जवाबी कार्रवाई शुरू की गई। ईरान ने जॉर्डन के एक एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जहां अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। जॉर्डन की सशस्त्र सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने अपने हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक हवा में ही नष्ट कर दिया। यूएई ने हालांकि अपने एयरबेस पर सीधा हमला होने से इनकार किया, लेकिन उसने अपने क्षेत्रीय जलक्षेत्र के पास एक ईरानी ड्रोन को गिराए जाने की पुष्टि की। इसके बाद यूएई के एक शीर्ष राष्ट्रपति सलाहकार ने तुरंत तनाव कम करने की अपील की है।

अमेरिका की चेतावनी और लarak द्वीप का रणनीतिक महत्व

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कसम खाई है कि अमेरिका ईरान को करारा जवाब देगा। इस पूरे सैन्य तनाव के केंद्र में लarak द्वीप अपनी रणनीतिक स्थिति के कारण बना हुआ है। अमेरिकी आर्मी वॉर कॉलेज और अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह द्वीप समुद्री सुरक्षा नेटवर्क का एक अहम हिस्सा है, जिसकी मदद से तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य में आने-जाने वाले जहाजों और ऊर्जा आपूर्ति पर नजर रखता है और अपना प्रभाव बनाए रखता है। कशम और होर्मुज जैसे अन्य पास के द्वीपों के साथ मिलकर यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार के रास्ते को सीधे तौर पर प्रभावित करता है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

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