अमेरिका ईरान के नेतृत्व और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बना सकता है पेंटागन को मिली तैयारी की खबर

पेंटागन को ईरान के नेतृत्व और ऊर्जा केंद्रों पर हमले की तैयारी के आदेश मिले हैं, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल मच सकती है।

Gautam Sahu28 October 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका ईरान के नेतृत्व और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बना सकता है पेंटागन को मिली तैयारी की खबर

तेहरान: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव एक बार फिर गहरा सकता है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, पेंटागन को ईरान के नेतृत्व, ऊर्जा केंद्रों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी करने के आदेश दिए गए हैं।

एक्सियोस की रिपोर्ट में बताया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नवंबर 3 को होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद संभावित हमलों का संकेत दिया है। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरानी खतरे को खत्म करने के लिए कार्रवाई करने की वकालत की है।

यह तनाव जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिनों के युद्ध और उसके बाद 28 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा घोषित अमेरिकी सैन्य अभियानों के बाद से बना हुआ है।

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ईरानी अधिकारियों ने इन खतरों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अगर इजरायल के उकसावे पर फारस की खाड़ी में कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो इसका अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर बुरा असर पड़ेगा।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल मोहसिन रजाई ने चेतावनी दी है कि अगर दुश्मनी बढ़ी, तो क्षेत्र के डेटा सेंटर, एआई सुविधाएं और समुद्र के नीचे बिछी केबल हमले का निशाना बन सकते हैं।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को प्राथमिकता दी है। वहीं राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का कहना है कि क्षेत्रीय मुद्दों को अमेरिकी हस्तक्षेप के बिना सुलझाया जाना चाहिए।

तनाव कम करने की कोशिशें भी जारी हैं। 26-27 अक्टूबर को तेहरान में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के प्रतिनिधिमंडलों के साथ बैठकें हुईं, लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।

कतर ने युद्ध खत्म करने और प्रतिबंध हटने के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया है, हालांकि ईरान ने इस योजना के कुछ हिस्सों को अस्वीकार्य बताया है।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ईरानी परमाणु केंद्रों तक तत्काल पहुंच की मांग की है। उन्होंने बताया कि जून 2025 के बाद से वहां पुनर्निर्माण की कोई गतिविधि नहीं दिखी है।

दूसरी तरफ, हूती विद्रोही सऊदी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहे हैं। ऐसी खबरें हैं कि रूस सैटेलाइट इंटेलिजेंस के जरिए इन ऑपरेशन्स में मदद कर रहा है। ईरान अब संभावित पूर्ण युद्ध की आशंका में अपनी सीमाओं और परमाणु स्थलों की किलेबंदी कर रहा है।

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