अमेरिका और ईरान की जंग से दुनिया भर के शेयर बाजार धड़ाम, बॉंड यील्ड में भारी उछाल.

Praggya Singh sabal2 September 20263 min read26 viewsFinance
अमेरिका और ईरान की जंग से दुनिया भर के शेयर बाजार धड़ाम, बॉंड यील्ड में भारी उछाल.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी ने अब वैश्विक वित्तीय बाजारों को बुरी तरह हिला कर रख दिया है। 2 सितंबर 2026 को दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई और सरकारी बॉंड की यील्ड में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। इस संघर्ष का असर आम आदमी की जेब से लेकर अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था तक साफ तौर पर महसूस किया जा रहा है।

हार्मरुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य कार्रवाई

घटना की शुरुआत 1 सितंबर 2026 को हुई, जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमलों में आम नागरिकों की मौत हुई है और उनके यहां भी अमेरिकी कार्रवाई में नुकसान हुआ है, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

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यूएस सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि ईरान के दक्षिणी तट पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के रडार, मिसाइल और अन्य सैन्य ठिकानों को सफलतापर्वक नष्ट कर दिया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखते हुए चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने आगे कोई भी जवाबी कार्रवाई की, तो अमेरिका इससे भी बहुत ज्यादा और कड़े स्तर पर हमला करेगा। दूसरी ओर, ईरान की ज्वाइंट मिलिट्री कमांड ने अमेरिकी अभियानों का समर्थन करने वाले किसी भी देश को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है।

बॉंड बाजार में भूचाल और ब्याज दरों पर असर

इस सैन्य तनाव की वजह से वैश्विक बॉंड बाजार में बिकवाली का दौर शुरू हो गया है। बेंचमार्क 10-year US Treasury की यील्ड बढ़कर लगभग 4.81 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले तीन सालों में सबसे ऊपरी स्तर के करीब है। इसके अलावा, यूके के 10-year सरकारी बॉंड की यील्ड भी साल 2008 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन Kevin Warsh के महंगाई और मजबूत अर्थव्यवस्था को लेकर दिए गए बयानों के बाद इस महीने ब्याज दर में 25-basis-point की बढ़ोतरी होने की संभावना बढ़कर 69 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले हफ्ते महज 37 प्रतिशत थी। इसके साथ ही न्यूजीलैंड के रिजर्व बैंक ने भी इसी दिन ब्याज दरों में 25 basis points की बढ़ोतरी कर इसे 2.75 percent कर दिया है।

वैश्विक बाजारों और तेल निर्यात पर संकट

एशिया, यूरोप और भारत समेत दुनिया भर के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है और वॉल स्ट्रीट के फ्यूचर्स भी कमजोर शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। ईरानी कच्चे तेल का निर्यात पिछले सात हफ्तों से पूरी तरह बंद है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने पहले ही ईरान के खिलाफ इस प्रतिबंध को तेहरान के लिए 'आर्थिक डी-डे' करार दिया था। अमेरिकी वित्त विभाग की आधिकारिक जानकारी के लिए आप US Treasury Press Releases पर जा सकते हैं। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शीर्ष सहयोगी नवंबर के मध्यावधि चुनावों से पहले आर्थिक दबाव को प्राथमिकता देते हुए इस संघर्ष को सीमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

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