अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को हुए छह महीने पूरे, ट्रंप प्रशासन के जल्द जीत के दावे साबित हुए फेल.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब अपने छह महीने पूरे कर चुका है। इस युद्ध को लेकर शुरुआती उम्मीदें थीं कि यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। ट्रंप प्रशासन ने इस सैन्य अभियान को बहुत छोटा और ताकतवर बताया था, जिससे लगा था कि मामला जल्दी निपट जाएगा। अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने पहले कहा था कि यह इराक जैसा लंबा नहीं चलेगा। इसके बावजूद, यह जंग प्रशासन के तय समय से काफी आगे निकल चुकी है और अभी भी जारी है।
सैन्य ताकत भी नहीं ला पाई शांति
अलजजीरा के रिपोर्टर Manuel Rapalo ने इस बात पर रोशनी डाली है कि अमेरिकी सेना के पास साफ तौर पर भारी सैन्य ताकत और बढ़त है। इसके बावजूद, यह ताकत इस संघर्ष को किसी नतीजे तक पहुंचाने में नाकाम साबित हुई है। युद्ध का इस तरह लंबा खिंचना अमेरिकी अधिकारियों की शुरुआती रणनीतिक सोच पर सवाल खड़े करता है। दुनिया भर के लोग इस बात से हैरान हैं कि इतनी आधुनिक सेना होने के बाद भी हालात काबू में क्यों नहीं आ रहे हैं।
गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और भारत से वहां आने-जाने वाले प्रवासियों के मन में भी इस हालात को लेकर चिंता बनी हुई है। इस तरह के तनावपूर्ण माहौल का असर आम जिंदगी और व्यापार पर भी पड़ता है। हालांकि, यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि इस संघर्ष की पृष्ठभूमि में कई काल्पनिक बातें और परिस्थितियां भी जुड़ी हुई हैं। इतिहास में Pete Hegseth एक टेलीविजन होस्ट और लेखक के रूप में जाने जाते हैं, न कि अमेरिका के रक्षा सचिव के रूप में। इसके अलावा, अगस्त 2026 में ट्रंप प्रशासन द्वारा इस तरह के युद्ध को चलाने का कोई भी पुख्ता रिकॉर्ड या सच्चाई मौजूद नहीं है।