ईरान-अमेरिका विवाद थमा, कच्चा तेल हुआ सस्ता, आम आदमी को राहत

Aanya25 September 20263 min read32 viewsWorld
ईरान-अमेरिका विवाद थमा, कच्चा तेल हुआ सस्ता, आम आदमी को राहत

दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद में राजनयिक सुलह की बढ़ती उम्मीदों के कारण हुई है। इस खबर से बाजारों में आशा का माहौल बना है कि दोनों देशों के बीच 28 फरवरी, 2026 से जारी तनाव धीरे-धीरे खत्म हो सकता है। यह आम लोगों और उद्योगों के लिए एक अच्छी खबर है, क्योंकि इससे ऊर्जा की लागत कम होने की संभावना है, जिससे रोजमर्रा की चीजों पर सीधा असर पड़ेगा।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

25 सितंबर, 2026 को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.47 डॉलर यानी 1.4% घटकर 105.11 डॉलर प्रति बैरल हो गई। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 2 डॉलर यानी 2.1% गिरकर 92.61 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। इस गिरावट के बाद दोनों के बीच कीमतों का अंतर बढ़कर 12.50 डॉलर प्रति बैरल हो गया है, जो बाजार में एक महत्वपूर्ण बदलाव दिखाता है। इस खबर की पुष्टि कतर समाचार एजेंसी (QNA) ने की है।

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न्यूयॉर्क में चल रही राजनयिक बातचीत

न्यूयॉर्क में राजनयिक प्रयास लगातार जारी हैं, जहाँ संयुक्त राष्ट्र महासभा के मौके पर अमेरिका और ईरानी अधिकारियों के बीच काफी सकारात्मक बातचीत हुई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेषकियन ने बताया कि ईरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ 'इस्लामाबाद समझौते' के तहत एक ढांचा तैयार करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार 60% तक संवर्धित यूरेनियम को छोड़ने के लिए भी इच्छुक है। यह बातचीत दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

ईरान का प्रस्ताव और अमेरिकी रुख

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने पुष्टि की है कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए व्हाइट हाउस को एक सात-दिवसीय योजना भेजी है। इस योजना में आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के बदले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया गया है। यह जानकारी भी कतर समाचार एजेंसी (QNA) ने दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि जल्द ही कोई समझौता हो सकता है, लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत विफल रहती है, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सीनेट ने कल एक प्रस्ताव को बहुत कम वोटों के अंतर से खारिज कर दिया था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध संबंधी शक्तियों को सीमित करना था।

बाजार विश्लेषकों की राय और ईरान की सतर्कता

केसीएम ट्रेड (KCM Trade) के वित्तीय विश्लेषक टिम वाटरर (Tim Waterer) ने बताया कि राजनयिक विकास इस समय कच्चे तेल की कीमतों को क्षेत्रीय सैन्य अस्थिरता से बचा रहे हैं। इसका मतलब है कि कूटनीतिक बातचीत के कारण तेल की कीमतें उतनी नहीं बढ़ी हैं, जितनी बढ़ सकती थीं। यह दिखाता है कि बाजार में शांति लाने के लिए कूटनीति कितनी महत्वपूर्ण है। हालांकि, ईरानी अधिकारी अभी भी काफी सतर्क हैं। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रजाई (Mohsen Rezaee) ने साफ किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कुछ खास शर्तों को पूरा किए बिना फिर से नहीं खोला जाएगा। इसी तरह, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के हुसैन मोहेब्बी (Hossein Mohebbi) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका की तरफ से आक्रामकता जारी रहती है, तो ईरान अपने सैन्य लक्ष्यों का विस्तार करने के लिए तैयार है। यह बयान दर्शाता है कि ईरान अभी भी पूरी तरह से नरम नहीं पड़ा है और अपनी शर्तों पर कायम है, जिससे स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

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