क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने जताई कूटनीतिक समाधान की उम्मीद
क्षेत्रीय तनाव के बीच अमेरिका और ईरान ने कूटनीतिक रास्ते की संभावना जताई है। कतर और पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहे हैं।

दोहा: क्षेत्रीय सैन्य तैयारियों के बढ़ने के बावजूद अमेरिका और ईरान दोनों ने संकेत दिए हैं कि मौजूदा संघर्ष का कूटनीतिक समाधान निकाला जा सकता है। इस दिशा में ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल फिलहाल कतर की राजधानी दोहा में है, जहां वह कतरी मध्यस्थों के साथ बातचीत कर रहा है।
दोहा में चल रही इन चर्चाओं से पहले तेहरान में ईरानी और कतरी दूतों के बीच 12 घंटे से अधिक समय तक बातचीत हुई थी। हालांकि, वॉशिंगटन और तेहरान दोनों ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल उनके बीच किसी सीधी द्विपक्षीय वार्ता का कोई कार्यक्रम तय नहीं है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित नए सैन्य हमलों को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। रुबियो ने पुष्टि की कि अमेरिका कूटनीतिक रास्ते के लिए खुला है, लेकिन उन्होंने बातचीत के लिए किसी निश्चित समय सीमा का जिक्र नहीं किया।
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से पत्र मिलने की बात स्वीकार की है। अराघची ने कहा कि तेहरान हालिया कूटनीतिक प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने संवाद शुरू करने के अमेरिकी प्रयासों को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन यह शर्त रखी कि किसी भी सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत की प्रगति वॉशिंगटन द्वारा ईरान की शर्तों को मानने पर निर्भर करेगी।
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में चल रही इन चर्चाओं में कई अहम मुद्दे शामिल हैं। इनमें ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने की संभावना, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना और क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की कटौती जैसे विषय शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर प्रगति हुई है और एक प्रस्तावित योजना के तहत इसे खोलने की कार्यान्वयन अवधि को घटाकर दो दिन किया जा सकता है।
इन कूटनीतिक कोशिशों के समानांतर, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने देश की सेना को टारगेट डेटाबेस अपडेट करने का निर्देश दिया है। उन्होंने सशस्त्र बलों को आदेश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी भौतिक और गैर-भौतिक अमेरिकी और इजरायली संपत्तियां उनकी मारक क्षमता के दायरे में रहें। खामेनेई ने किसी भी भविष्य के सैन्य या आतंकवादी हमले का तत्काल और भौगोलिक रूप से अप्रतिबंधित जवाब देने के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद सैन्य अभियान फिर से शुरू होने की आशंकाओं को लेकर चिंताएं बढ़ी हुई हैं।