अमेरिका और ईरान में छिड़ी जंग, जुलाई के बाद हुआ सबसे बड़ा हमला, कई देशों पर गिराया गया ड्रोन.

Praggya Singh sabal3 September 20263 min read34 viewsWorld
अमेरिका और ईरान में छिड़ी जंग, जुलाई के बाद हुआ सबसे बड़ा हमला, कई देशों पर गिराया गया ड्रोन.

मध्य पूर्व में तनाव इस समय अपने सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और अमेरिका तथा ईरान के बीच जुलाई के बाद से सबसे भीषण सैन्य टकराव देखने को मिला है। यह पूरी घटना 2 सितंबर 2026 को तब शुरू हुई जब अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था। इस कार्रवाई में एयर-डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री संपत्तियां, बारूदी सुरंगे बिछाने की क्षमता और संचार केंद्रों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। इसके अलावा, रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के दो सरकारी टैंकरों पर भी हमला बोला है, जिससे हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं।

डोनाल्ड ट्रम्प की कड़ी चेतावनी और ईरान का पलटवार

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उनका देश किसी भी समय आगे की स्ट्राइक के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी कसम खाई है कि यदि ईरान की तरफ से लगातार जवाबी कार्रवाई जारी रही, तो अमेरिका इस बार ईरान को और भी ज्यादा जोरदार तरीके से सबक सिखाएगा। अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद ईरान चुप नहीं बैठा और उसने तुरंत मध्य पूर्व में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन की बरसात कर दी। जोॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि उन्होंने आसमान में 13 बैलिस्टिक मिसाइलों को आते देखा, जिनमें से 10 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, जबकि बाकी 3 मिसाइलें सुनसान इलाकों में आकर गिरीं। कुवैत और बहरीन के सैन्य अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि उनके एयर-डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से आ रहे हवाई खतरों को सफलतापूर्वक हवा में ही नाकाम कर दिया। इसके अलावा इराक में भी अमेरिकी सुविधाओं पर हमलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

शादी समारोह में हमले का दावा और मानवीय चिंताएं

इस पूरे मामले में एक बड़ा विवाद तब खड़ा हो गया जब ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei और ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने दावा किया कि अमेरिकी हमले दक्षिणी ईरान के कुहेस्तक या सिरिक इलाके में एक शादी की पार्टी पर जा गिरे। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हादसे में बच्चों समेत 4 से 18 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हालांकि, CENTCOM ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना कभी भी नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है और फिलहाल इन दावों की पूरी जांच की जा रही है। इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना की गतिविधियां बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं जहां अमेरिकी नौसेना लगातार नाकेबंदी कर रही है। 1 सितंबर तक अमेरिका ने इस रास्ते से 18 मिलियन बैरल तेल ले जाने वाले 40 कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित एस्कॉर्ट किया था, जबकि 86 जहाजों को रास्ते से वापस लौटा दिया गया और नियमों का पालन न करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की गई। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस खतरनाक escalation पर गहरी चिंता जताई है और नागरिकों पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है। दूसरी ओर, ईरान के IRGC ने यह संकल्प लिया है कि वे क्षेत्र से अमेरिकी ताकतों को खदेड़ने के अपने प्रयासों को बिल्कुल नहीं रोकेंगे और भविष्य में अमेरिकी कार्रवाइयों का और भी ज्यादा भारी तथा व्यापक जवाब दिया जाएगा।

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