अमेरिका और ईरान के बीच फिर भड़की जंग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास हमलों से तेल की कीमतें करीब 4 प्रतिशत बढ़ीं

Nura Basta2 September 20263 min read40 viewsUAE
अमेरिका और ईरान के बीच फिर भड़की जंग, हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास हमलों से तेल की कीमतें करीब 4 प्रतिशत बढ़ीं

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। 2 सितंबर 2026 को दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष फिर से शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतें अचानक लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर एक हफ्ते के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गईं। इस अचानक हुई बढ़ोतरी से पूरी दुनिया और खासकर खाड़ी देशों में तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं फिर से गहरी हो गई हैं। पिछले एक महीने से हालात थोड़े शांत थे, लेकिन 1 और 2 सितंबर को अचानक दोनों तरफ से बड़े हमले देखने को मिले, जिससे आम लोगों और खासकर वहां रहने वाले प्रवासियों के मन में भी डर का माहौल बन गया है।

कतर में होगी बातचीत और अमेरिकी सेना का एक्शन

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने यह साफ कर दिया है कि उन्होंने दक्षिणी ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। यह कार्रवाई हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एयर डिफेंस, रडार, समुद्री और कम्युनिकेशंस से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर की गई। अमेरिकी सेना का कहना था कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान लगातार कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। वहीं दूसरी तरफ, ईरानी अधिकारियों और रेड क्रेसेंट ने जानकारी दी कि अमेरिकी हमले में सिरिक काउंटी के कुहेस्तक में एक शादी समारोह पर बमबारी हुई, जिसमें एक बच्चे समेत कम से कम 4 से 5 लोगों की मौत हो गई और 50 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हो गए। इसके अलावा ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि कशम द्वीप पर एक फिशमील फैक्ट्री, एक फिशिंग पियर और जिरोफ्ट सिविलियन एयरपोर्ट को भी नुकसान पहुंचा है।

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खाड़ी देशों में मिसाइल और ड्रोन का हमला

इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में ईरानी सेना ने भी चुपचाप बैठने के बजाय अमेरिकी ठिकानों की तरफ ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागने शुरू कर दिए। जॉर्डन की सरकार ने बताया कि उन्होंने अपने आसमान में ऐसे 13 मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया। वहीं UAE यानी संयुक्त अरब अमीरात ने अपने पानी के ऊपर ईरान के एक ड्रोन को पूरी तरह नाकाम कर दिया। कुवैत की सेना को भी अपनी एयर डिफेंस प्रणाली को एक्टिव करना पड़ा ताकि आने वाले ड्रोन्स से बचाव किया जा सके। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इन जवाबी हमलों में उनकी तरफ से किसी भी सैनिक के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने साफ चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने आगे भी ऐसी हरकतें जारी रखीं, तो उन्हें और भी कड़ा जवाब दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण बना हुआ है।

शिपिंग ट्रैफिक में गिरावट और कतर में बैठक

इस ताजा हिंसा के भड़कने से पहले ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने जून महीने में हुए उस समझौते को लेकर अपनी सहमति जताई थी, जिसके तहत हॉर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगों को हटाने और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म करने की बात थी। लेकिन आपसी मतभेदों और अलग-अलग मतलब निकालने की वजह से वह समझौता बीच में ही रुक गया था। 2 सितंबर 2026 तक के शिपिंग डेटा के मुताबिक इस इलाके में कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में काफी कमी आई है। हालांकि एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कुछ समय के लिए हालात शांत होने के संकेत दिए हैं और दोनों देश इस विवाद को सुलझाने के लिए कतर में आपस में बैठक करने की योजना बना रहे हैं ताकि बात को आगे बढ़ने से रोका जा सके।

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