अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एयर स्ट्राइक से मची तबाही और गल्फ देशों में बढ़ा तनाव.

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अचानक से काफी ज्यादा बढ़ गया है, जिससे पूरी दुनिया और विशेष तौर पर खाड़ी देशों में खलबली मच गई है। 3 सितंबर 2026 को रात भर चले इस भीषण सैन्य टकराव के बाद संयुक्त राष्ट्र ने गहरी चिंता जताई है। यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और तुरंत सैन्य कार्रवाई रोकने की अपील की है ताकि आम नागरिकों की जान बचाई जा सके।
अमेरिका और ईरान की तरफ से बड़े हमले
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जबरदस्त हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रूप ने इस ऑपरेशन को एक बहुत भारी हमला बताया और कहा कि अमेरिका का उस क्षेत्र पर पूरा नियंत्रण है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता ने साफ किया कि उनका मकसद आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं है, बल्कि वे सिर्फ सैन्य संपत्तियों को निशाना बना रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि इन अमेरिकी हमलों में 18 लोगों की मौत हो गई और 108 लोग घायल हो गए। ईरानी अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि एक हमला शादी के समारोह पर भी लगा, जिससे कई निर्दोष लोग प्रभावित हुए।
गल्फ देशों में दिखा जंग का असर
ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। जॉर्डन की तरफ से बताया गया कि उन्होंने कई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया। वहीं बहरीन में भी ईरानी ड्रोन्स को नष्ट करने की खबर सामने आई। कुवैत में एक रिहायशी इलाके में ईरानी ड्रोन गिरने से आग लग गई, जिसे दमकल विभाग ने बुझाया गनीमत रही कि इस घटना में किसी की जान नहीं गई। इसके अलावा यूएई के एयर बेस पर भी हमले का दावा किया गया है, जबकि कतर ने इस पूरे मामले के लिए सीधे तौर पर ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। इन लगातार हमलों की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के मन में भी डर का माहौल बन गया है।