अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट में बड़ा सैन्य संघर्ष, कई देशों में बढ़ी चिंता और सुरक्षा अलर्ट जारी

मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अमेरिका तथा ईरान के बीच सैन्य संघर्ष अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर जोरदार हमले किए। यह कार्रवाई तेहरान की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) ने इस बात की पुष्टि की है कि इन हमलों में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की संपत्तियों को निशाना बनाया गया, जिसमें एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सुविधाएं और संचार केंद्र शामिल हैं।
हार्मोनज जलडमरूमध्य और अमेरिकी ठिकानों पर तनाव
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह सैन्य कार्रवाई हाल ही में हॉर्मोनज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग को धमकाने और क्षेत्र में अमेरिकी कर्मियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों के बाद की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि यह कदम समुद्र में खदानें बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में एक अमेरिकी बेस पर आठ मिसाइलें दागने के असफल प्रयास के जवाब में उठाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान की तरफ से आगे भी ऐसी हरकतें जारी रहीं, तो अमेरिका की तरफ से और भी तगड़ा जवाब दिया जाएगा।
ईरान में नुकसान और पड़ोसी देशों में हमलों की बौछार
दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने इस हमले में जानमाल के नुकसान की बात कही है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय और हॉर्मोजगान प्रांत के स्थानीय प्रशासन ने कम से कम 4 लोगों की मौत और 50 लोगों के घायल होने की पुष्टि की है, जिसमें सिरिक काउंटी में एक शादी समारोह पर हमला होने की खबर भी शामिल है। मंगलवार से बुधवार की रात के दौरान, ईरान ने अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उन्होंने ईरानी क्षेत्र से दागी गई 13 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 10 को हवा में ही रोक लिया। वहीं, कुवैती बलों ने भी अपने ऊपर आए खतरनाक ड्रोन्स को नष्ट करने की पुष्टि की। अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि जॉर्डन में हुए इन हमलों में किसी भी अमेरिकी सैनिक के हताहत होने की खबर नहीं है।
बयानबाजी और खाड़ी देशों पर मंडराता खतरा
इस खूनी संघर्ष के बाद दोनों तरफ से तीखी बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कड़ा जवाब देने की कसम खाई है। वहीं, सैन्य अधिकारियों जैसे Ebrahim Zolfaghari ने बहरीन और कुवैत के खिलाफ भविष्य में और कदम उठाने की चेतावनी दी है। ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के जनरल स्टाफ ने भी अमेरिकी बलों पर विनाशकारी प्रहार करने की धमकी दी है। इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आप WAM पर देख सकते हैं।
प्रवासियों और सुरक्षा के लिए कड़े कदम
क्षेत्र में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए अमेरिका ने 11 देशों में स्थित अपने राजनयिक मिशनों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी कर दिए हैं। स्थानीय प्रशासन और दूतावासों ने ईरान में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। इस बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले लाखों प्रवासियों और आम नागरिकों पर भी पड़ रहा है, जिससे हर कोई अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहा है।