अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा, बातचीत अब भी अधर में

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। कतर की मध्यस्थता में बातचीत जारी है, लेकिन सैन्य हमले और ड्रोन गिराने जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं।

Gautam Sahu4 November 20262 min read0 viewsWorld
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ा, बातचीत अब भी अधर में

तेहरान/वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े युद्ध को रोकने के लिए चल रही राजनयिक बातचीत फिलहाल थम सी गई है। दोनों देशों के बीच की दूरी इतनी ज्यादा है कि किसी औपचारिक समझौते की उम्मीद फिलहाल नजर नहीं आ रही है।

कतर की मुख्य मध्यस्थता और सऊदी अरब व पाकिस्तान के सहयोग से नए प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, 3 नवंबर को एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने साफ किया कि दोनों पक्ष किसी समझौते से बहुत दूर हैं। तेहरान ने अमेरिका की ओर से अपनी शर्तों पर मिले जवाबों को 'असंतोषजनक' बताया है।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को लेकर चल रही अप्रत्यक्ष बातचीत को सकारात्मक बताया है। ट्रंप ने कहा कि ऐसा लगता है कि हमें वह सब मिल रहा है जो हम चाहते हैं।

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राजनयिक कोशिशों के बीच सैन्य टकराव जारी है। अमेरिका ने हाल ही में ईरान के केशम द्वीप पर स्थित सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइटों पर रक्षात्मक हमले किए हैं। वहीं, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है।

ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, उसी समुद्री गलियारे में नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आने से चार टैंकरों में आग लग गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने पुष्टि की है कि फिलहाल उनके पास और हमलों की कोई तत्काल योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका 'लॉक एंड लोडेड' यानी पूरी तरह तैयार है।

ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि सैन्य दबाव जारी रहा तो 'दुःस्वप्न' जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ईरान ने अपनी 'अधिकतम निवारण' रणनीति के तैयार होने का दावा किया है।

सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रजाई ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए अमेरिका को सात विशिष्ट शर्तें माननी होंगी। इनमें गाजा और लेबनान में शत्रुता का पूरी तरह अंत, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना, जमी हुई संपत्ति को जारी करना, युद्ध मुआवजे का भुगतान, भविष्य के हमलों के खिलाफ गारंटी और जलडमरूमध्य पर ईरानी अधिकार की स्पष्ट मान्यता शामिल है।

दोनों देशों की आंतरिक राजनीति भी इस गतिरोध को प्रभावित कर रही है। ईरानी अधिकारियों ने अमेरिका के मध्यावधि चुनाव परिणामों को युद्ध के प्रति अमेरिकी जनता की 'अस्वीकृति' बताया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस बात को स्वीकार किया कि इस संघर्ष ने रिपब्लिकन पार्टी की चुनावी हार में भूमिका निभाई है।

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