अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव बढ़ा, कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और नई धमकियां.

खाड़ी देशों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण 7 सितंबर 2026 को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। यह पूरा विवाद 5 सितंबर 2026 को तब शुरू हुआ जब अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमले किए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि ईरान ने दो अमेरिकी नौसेना के जहाजों को बैलिस्टिक मिसाइल से निशाना बनाने की कोशिश की थी। इस सैन्य संघर्ष के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं और इसका सीधा असर आम आदमी की जिंदगी और बाजार पर पड़ रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य झड़प की पूरी कहानी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (Centcom) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने इस बात की पुष्टि की कि अमेरिकी बलों ने ओमान की खाड़ी में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के दो कच्चे तेल के वाहक जहाजों M/T Downy और M/T Stark 1 को पूरी तरह से बेकार कर दिया। इसके अलावा, बिना लोड वाले एक अन्य क्रूड ऑयल कैरियर M/T Kylo (जिसे Noxen के नाम से भी जाना जाता है) को पूरी तरह तबाह कर दिया गया। अमेरिकी सेना ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले IRGC ने एक अमेरिकी विमान वाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पर हमले किए थे। एडमिरल ब्रैड कूपर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई उनके जहाजों पर गोली चलाएगा, तो अमेरिका उसकी भारी आर्थिक कीमत वसूलेगा और उनके तीन जहाज तबाह कर देगा।
ईरान का पलटवार और दावों का खंडन
इस अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में 6 सितंबर 2026 को IRGC ने दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में अनधिकृत रास्तों से जा रहे तीन तेल टैंकरों और अमेरिका से जुड़े तीन अन्य जहाजों को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया और ईरान के उस दावे को सरासर झूठ बताया जिसमें उसने एक मानवरहित अमेरिकी सैन्य पोत को मारे जाने की बात कही थी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्ध अपराध और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 2(4) का उल्लंघन बताया है। ईरान का कहना है कि यह अंतरराष्ट्रीय शांति और समुद्री व्यापार के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
ईरान की नई चेतावनी और कूटनीतिक हलचल
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने घोषणा की कि उनका देश होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर एक नया प्रतिबंधित क्षेत्र बनाएगा जहां जहाजों पर ईरानी प्रतिबंध लागू होंगे। रेजाई ने यह भी दावा किया कि पिछले 48 घंटों के दौरान ईरानी बलों ने एक अमेरिकी नौसेना के जहाज के ऊपर एक नई एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी हमले जारी रहे, तो और भी गंभीर जवाबी कार्रवाई की जाएगी। इस बढ़ते संकट को थामने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो चुके हैं। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला और ब्रिटेन के विदेश सचिव एडवर्ड मिलिबंड ने 7 सितंबर को उच्च स्तरीय बैठक की और इस स्थिति पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने इस संघर्ष को कम करने और क्षेत्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बातचीत के रास्तों को अपनाने पर जोर दिया ताकि आम लोगों और कारोबार पर इसका बुरा असर न पड़े।