अमेरिका और ईरान के बीच हुई तीन घंटे लंबी बैठक, जल्द खुलेगा होर्मुज जलडमरूमध्य

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने मंगलवार को दुनिया के सामने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff के साथ करीब तीन घंटे तक गुप्त बैठक की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल लंबे समय से बना हुआ था। अमेरिकी अधिकारियों और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई इस लंबी बातचीत को कूटनीति के मोर्चे पर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच एक और बैठक बहुत जल्द आयोजित की जाएगी जिससे हालात में सुधार हो सकता है।
कतर की मध्यस्थता से आगे बढ़ी बात
द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अहम बैठक में ईरान के विदेशमंत्री Abbas Araghchi भी शामिल हुए थे। खास बात यह है कि इस पूरी बातचीत में कतर के राजनयिकों ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है। अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने इस बैठक को सकारात्मक बताया और कहा कि चर्चा काफी अच्छे माहौल में हुई। याद दिला दें कि इससे पहले जून के महीने में स्विट्जरलैंड में अमेरिकी उप राष्ट्रपति JD Vance और ईरानी प्रतिनिधिमंडल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर सहमति के लिए पहली मुलाकात हुई थी, जिसके बाद यह दूसरी और सबसे बड़ी बैठक मानी जा रही है।
एक हफ्ते में खुल सकता है होर्मुज जलडमरूमध्य
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बैठक के बाद बड़ा दावा किया है। उन्होंने संकेत दिया कि अगर अमेरिका ईरान पर से सैन्य और आर्थिक दबाव को कम करने के लिए तैयार हो जाता है, तो ईरान महज एक हफ्ते के भीतर रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए पूरी तरह तैयार है। गौरतलब है कि इससे पहले ईरान ने इस रास्ते को खोलने के लिए सात बेहद कड़ी शर्तें रखी थीं। उन पुरानी शर्तों में सभी मोर्चों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह खत्म करना और ईरान के खिलाफ लगाए गए सभी प्रतिबंधों को हटाना शामिल था।
शर्तों में नरमी और अंदरूनी खींचतान
इस बीच, एक ईरानी अधिकारी ने जापानी समाचार एजेंसी क्योडो को जानकारी दी कि ईरान का यह नया रुख पुरानी सख्त शर्तों में कुछ ढील देने से जुड़ा हुआ है। अधिकारी का दावा है कि इस नए कूटनीतिक रुख को ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei और देश की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि दूसरी तरफ, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स यानी IRGC के करीबी माने जाने वाले प्रमुख ईरानी मीडिया संस्थानों ने किसी भी नए या नरम रुख को अपनाने से साफ इनकार किया है, जिससे यह साफ होता है कि ईरान के भीतर भी इस मुद्दे पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।