अमेरिकी राजनयिक टॉम बैरक ने मध्य पूर्व में हस्तक्षेप पर उठाए सवाल, कतर की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी

दोहा: तुर्किये में अमेरिकी राजदूत और सीरिया व इराक के लिए विशेष राष्ट्रपति दूत टॉम बैरक ने मध्य पूर्व में अमेरिका के दशकों पुराने हस्तक्षेप की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम के दौरान उन्होंने कहा कि इराक, लीबिया और अफगानिस्तान जैसे देशों में अमेरिकी जमीनी हस्तक्षेप पूरी तरह विफल रहे हैं और शासन बदलने की कोशिशें गलत साबित हुई हैं।
टॉम बैरक ने बताया कि अमेरिका अब क्षेत्रीय सुरक्षा की गारंटी देने वाली अपनी पुरानी भूमिका से पीछे हट रहा है। वह नियंत्रण की रणनीति के बजाय अब साझेदारी को संभालने की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने मध्य पूर्व के देशों से अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद उठाने का आग्रह किया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति स्पष्ट करते हुए बैरक ने कहा कि प्रशासन सऊदी अरब को लॉजिस्टिक सहायता तो दे रहा है, लेकिन यमन में हूती बलों के खिलाफ सीधी सैन्य कार्रवाई को बेकार माना जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि व्हाइट हाउस ईरान के साथ सैन्य टकराव के बजाय राजनयिक समाधानों को प्राथमिकता दे रहा है।
इसी बीच कतर ने 20 और 21 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत अभी भी सक्रिय है। कतर के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों, इब्राहिम अल-हाशमी और प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि दोहा, पाकिस्तान के साथ मिलकर दोनों पक्षों के बीच संदेश पहुँचा रहा है ताकि क्षेत्रीय संघर्ष को रोका जा सके।
कतर ने विशेष रूप से ईरान से अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का पालन करने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की अपील की है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 21 अक्टूबर को घोषणा की कि तेहरान ने मौजूदा गतिरोध को खत्म करने के लिए सात दिनों का एक प्रस्ताव सौंपा है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रज़ई ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अमेरिका को पहले धमकियां खत्म करनी होंगी और प्रतिबंध हटाने होंगे। उन्होंने विश्वास बहाली के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। चर्चा के लिए 'इस्लामाबाद समझ' के संशोधित संस्करण का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें संभावित युद्धविराम, समुद्री व्यापार मार्गों को फिर से खोलने और आर्थिक दबाव कम करने की बात कही गई है।