अमेरिका ने ईरान पर कसा शिकंजा, ट्रंप बोले हमारी सैन्य ताकत और आर्थिक प्रतिबंध ला रहे बड़ा असर.

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में बड़ा दावा किया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य और आर्थिक रणनीतिक कदम पूरी तरह सफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका इस समय बहुत बड़ी जीत की ओर बढ़ रहा है और ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से बर्बाद हो रही है। अमेरिका ने इस दिशा में एक नया कदम उठाते हुए 'Operation Economic Outcast' शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के अवैध कमाई के रास्तों को पूरी तरह बंद करना और उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग करना है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज और नेवी का एक्शन
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना ने मुख्य शिपिंग लेन से सभी खदानों को पूरी तरह साफ कर दिया है। उन्होंने इस जलमार्ग को अमेरिकी क्षेत्र बताया और कड़ी चेतावनी दी कि अगर किसी भी जहाज ने यहां दोबारा खदान बिछाने की कोशिश की तो उसे तुरंत नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा। उन्होंने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर भी इस बात को दोहराया और कहा कि यह रास्ता अब यातायात के लिए पूरी तरह खुल चुका है। हालांकि, अमेरिका का यह भी मानना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना बेहद जरूरी है। इसके लिए ट्रंप व्हाइट हाउस सिचुएशन रूम में बैठक कर किसी संभावित समझौते के रास्ते पर विचार करने की योजना बना रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि ईरान समझौता तो चाहता है लेकिन सही शर्त पर राजी नहीं हो रहा है।
अलग-अलग विभागों के मंत्रियों के बयान
प्रशासन के आक्रामक रुख का समर्थन करते हुए ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने नए आर्थिक अभियान का ऐलान किया। वहीं विदेश मंत्री Marco Rubio ने विदेशी समकक्षों को बताया कि फिलहाल अमेरिका नए हमलों के मूड में नहीं है, जब तक कि ईरान की तरफ से कोई हमला न किया जाए। इसके विपरीत, युद्ध सचिव Pete Hegseth ने कहा कि भविष्य में सैन्य कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। दूसरी ओर, अमेरिकी सीक्रेट सेवा ने उस ईरानी सरकारी मीडिया वीडियो की जांच की पुष्टि की है जिसमें राष्ट्रपति के बेटे Barron की जान को खतरा बताया गया था।
ईरान का कड़ा विरोध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इन सभी अमेरिकी फैसलों पर ईरान ने कड़ी आपत्ति जताई है। ईरान के विदेश मंत्री Araghchi ने अमेरिकी आर्थिक धमकियों को पूरी तरह विफल होने वाला बताया है। वहीं उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने दो टूक कहा कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज तब तक पूरी तरह नहीं खुलेगा जब तक अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं करता और संघर्ष समाप्त नहीं होता। ईरान ने यह भी साफ किया कि ओमान के जरिए होने वाले किसी भी समझौते के तहत वे अमेरिकी जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं देंगे। ईरानी सेना का दावा है कि उसने नए हथियार प्रणालियों का आयात कर उन्हें फिर से तैयार कर लिया है और यूएन से इन प्रतिबंधों के खिलाफ दखल देने की मांग की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Lin Jian ने इन एकतरफा प्रतिबंधों का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि इससे वैश्विक वित्तीय व्यवस्था बिगड़ सकती है। फिलहाल पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है और ओमान भी वैकल्पिक गलियारे को लेकर चर्चा में शामिल है।