US और Israel के Iran पर बड़े हमले, कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला और प्रवासियों के लिए नई पाबंदियां

Sushma Kumari1 April 20262 min read5 viewsKuwait

अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के बुनियादी ढांचे और सैन्य ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में अब तक कई लोगों के घायल होने और भारी नुकसान की खबर मिली है। ईरान ने भी पलटवार करते हुए खाड़ी क्षेत्र में मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं जिससे पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। इस युद्ध का असर अब दुबई और कुवैत जैसे देशों में रहने वाले लोगों और वहां जाने वाले प्रवासियों पर भी पड़ना शुरू हो गया है।

ईरान में कितनी तबाही हुई और क्या रहे मुख्य लक्ष्य

इजरायली सेना के मुताबिक पिछले दो दिनों में ईरान के करीब 400 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसमें हथियारों की फैक्ट्रियां और ईरान के रक्षा मंत्रालय के मुख्य दफ्तर शामिल हैं। ईरान के 56 ऐतिहासिक स्मारकों और संग्रहालयों को भी इस हमले में नुकसान पहुंचा है। HRANA के आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटों में 157 अलग-अलग घटनाओं में 29 लोग मारे गए या घायल हुए हैं। इसके अलावा ईरान की सबसे बड़ी स्टील कंपनी को भी काफी घाटा हुआ है।

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खाड़ी देशों में क्या स्थिति है और प्रवासियों के लिए क्या बदला

तनाव के बीच कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरान के ड्रोन ने हमला किया जिससे वहां तेल के टैंकों में आग लग गई। गनीमत रही कि वहां किसी की जान नहीं गई। UAE ने अब ईरानियों के देश में आने या वहां से गुजरने पर पाबंदी लगा दी है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना जारी रखेगा। यमन के हूतियों ने भी इस लड़ाई में ईरान और हिजबुल्लाह का साथ देने का ऐलान किया है।

ताजा अपडेट और आधिकारिक बयान

पक्ष मुख्य अपडेट
अमेरिका डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि युद्ध दो-तीन हफ्तों में खत्म हो सकता है
ईरान ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की चेतावनी दी
इजरायल ईरानी मिसाइलों से मध्य इजरायल में 13 लोग घायल हुए
कुवैत एयरपोर्ट के पास तेल टैंकों में आग लगी, कोई हताहत नहीं

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत का कोई रास्ता नहीं बचा है। ईरान अपनी जमीन पर किसी भी विदेशी सेना के हमले का सामना करने के लिए तैयार है। अमेरिका इस इलाके में अपने A-10 लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ा रहा है। वहीं NATO देशों और अमेरिका के बीच इस युद्ध में सहयोग को लेकर खींचतान चल रही है। खाड़ी में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय दूतावास के निर्देशों का पालन करें।

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