अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी में और ईरान ने दी फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स की धमकी

Gautam Sahu22 October 20263 min read0 viewsWorld
अमेरिका और इजरायल ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की तैयारी में और ईरान ने दी फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स की धमकी

वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका और इजरायल ने मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर फिर से हमले करने की योजना तैयार की है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों की सेनाओं ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे, परमाणु केंद्रों और मिसाइल व ड्रोन ठिकानों को निशाना बनाने के लिए एक संक्षिप्त लेकिन तीव्र ऑपरेशन का खाका तैयार किया है।

इस योजना के तहत अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने अपनी एक्सरसाइज तेज कर दी है, जिसमें हमले के युद्धाभ्यास के लिए इराक के ऊपर विमान उड़ाना शामिल है। अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने इस हफ्ते इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर संभावित हमलों पर चर्चा की।

कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि हमलों के एक और दौर से ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। इससे करीब आठ महीने से चल रहे संघर्ष के बाद तेहरान को राजनयिक समझौते करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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दूसरी तरफ, ईरान ने किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने की चेतावनी दी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के पास 'मदर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' है, लेकिन वे दुनिया को 'फादर ऑफ ऑल बॉम्ब्स' दिखाएंगे, जो उनके लिए बिल्कुल नया होगा। हालांकि, ईरान ने इस हथियार की कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है।

यह चेतावनी तब आई है जब खबरें आईं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान की गहराई में स्थित पिकैक्स माउंटेन परमाणु सुविधा के खिलाफ 22,000 पाउंड के GBU-43/B (MOAB) बम के इस्तेमाल पर विचार कर रहे हैं। हथियारों के विशेषज्ञों ने सवाल उठाया है कि क्या जमीन के ऊपर फटने वाला यह बम ग्रेनाइट से बनी भूमिगत साइट को नष्ट कर पाएगा।

सैन्य अधिकारियों ने यह भी आगाह किया है कि इस बम को ले जाने वाले MC-130 परिवहन विमान की रफ्तार धीमी होती है, जिससे वह ईरान की एंटी-एयरक्राफ्ट फायरिंग का आसान शिकार बन सकता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि ट्रंप इन हमलों को मंजूरी देंगे या नहीं।

इस महीने की शुरुआत में भी अमेरिका और इजरायल हमले के करीब पहुंचे थे, लेकिन ट्रंप ने अंतिम समय पर इस ऑपरेशन को टाल दिया था। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा कि प्रशासन उन सैन्य योजनाओं पर टिप्पणी नहीं करता जो शायद मौजूद हों या न हों, लेकिन ट्रंप ने सभी विकल्प खुले रखे हैं ताकि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका नवंबर की शुरुआत तक तीन विमान वाहक पोत, हजारों मरीन, लड़ाकू जेट और स्पेशल ऑपरेशंस फोर्स के साथ एक बड़ी सैन्य टुकड़ी तैनात कर रहा है। मध्यावधि चुनावों से पहले हमला न करने के ट्रंप के वादे के कारण इस ऑपरेशन में देरी हो सकती है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने संसद में इस स्थिति को तेहरान के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात न तो उनके लिए अच्छे हैं और न ही इस क्षेत्र या दुनिया के लिए। पेज़ेशकियन ने दावा किया कि अमेरिका ने नहीं सोचा था कि वे दबाव और युद्ध के बावजूद मजबूती से खड़े रहेंगे।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि ने आरोप लगाया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों में लक्ष्यों की पहचान करने के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल किया गया है और देश के अंतरिक्ष व वैज्ञानिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है।

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