US ने ईरान पर किया नया हमला, Strait of Hormuz के पास कई धमाके, खाड़ी देशों में बढ़ी चिंता।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब और ज्यादा बढ़ गया है। United States Central Command (CENTCOM) ने मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ठिकानों पर फिर से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। दोपहर के समय शुरू हुए इन हमलों के बाद ईरान के कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाज सुनी गई। आम लोगों की सुरक्षा को लेकर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि इस पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
कहाँ-कहाँ हुए धमाके और क्या है नुकसान
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, कई इलाकों में धमाके हुए हैं। Qeshm Island के पास Masan village के नजदीक पाँच से ज्यादा बड़े धमाके सुने गए। इसके अलावा इसी द्वीप पर Strait of Hormuz की तरफ से चार और धमाकों की आवाज आई। हॉर्मोज़गन प्रांत के उप-गवर्नर्स ने यह साफ किया कि शुरुआती जाँच में इस क्षेत्र में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं मिली है। इन ताजा हमलों से पहले, 30 अगस्त 2026 को अमेरिका ने लारक द्वीप पर भी हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी थीं और UAE की तरफ एक ड्रोन भेजा था जिसे वहीं रोक लिया गया था।
अधिकारियों के बयान और राजनीतिक हलचल
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार को ही यह संकेत दे दिया था कि अमेरिका ईरान के हमलों का कड़ा जवाब देगा। उन्होंने ईरान को एक असफल राष्ट्र बताते हुए कहा कि अमेरिका चुप नहीं बैठेगा। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मंगलवार को बैठक की। इस बैठक में उन्होंने जून महीने के संघर्षविराम समझौते को दोबारा लागू करने का प्रस्ताव रखा, बशर्ते अमेरिका भी इसमें सहयोग करे और हॉर्मोज़गन जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखे। वहीं, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन बातचीत के बजाय अपनी बातें थोपने की कोशिश कर रहा है।
आर्थिक दबाव और हथियारों को लेकर चिंता
अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने मंगलवार को यह दावा किया कि ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों, सैन्य हमलों और नौसेना की नाकाबंदी का असर हो रहा है और उनका मकसद पूरा हो रहा है। इसके साथ ही, संघर्ष पर नजर रखने वाली संस्थाओं Airwars और Associated Press ने मंगलवार को यह रिपोर्ट दी कि अमेरिकी सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली Precision Strike Missile (PrSM) का डिजाइन नागरिकों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि यह मिसाइल हवा में फैलकर बड़े इलाके में धातु के छर्रे बिखेरती है। हालांकि अमेरिकी सेना ने ईरान के लamerd इलाके को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन इस तरह के हथियारों के इस्तेमाल से आम जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर मानवाधिकार संगठन सवाल उठा रहे हैं।