US ने ईरान पर किया बड़ा हमला, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों को बनाया निशाना.

मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर हवाई हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि की है और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इसे पूरी तरह से सही कदम बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि यह हमला ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश और जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर असफल मिसाइल हमले के जवाब में किया गया है। इसके अलावा, अमेरिका ने वाणिज्यिक शिपिंग जहाजों पर हाल ही में हुए हमलों के लिए भी IRGC को जिम्मेदार ठहराया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद खाड़ी देशों और दुनिया भर में तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे वहां रहने वाले आम लोगों और काम करने वाले प्रवासियों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
ईरान के अंदर तबाही और सरकारी बयान
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने देश भर में कई जगह जोरदार हमले होने की बात कही है। जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया उनमें कश्म द्वीप पर एक फिशमील फैक्ट्री, हॉर्मोजगान प्रांत का नागरिक बुनियादी ढांचा, एक मछली पकड़ने वाली पियर और सिरिक में पोर्ट्स एंड मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन का एक टावर शामिल है। रिपोर्टों से यह भी पता चलता है कि सिरिक काउंटी के बांदर कुहेस्तक में एक रिहायशी इलाके में शादी के समारोह के दौरान अमेरिकी हमला हुआ, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। इसके अलावा کرمان प्रांत के नागरिक जिरोफ्ट हवाई अड्डे के बाहर एक प्रोजेक्टाइल गिरा, हालांकि अधिकारियों ने किसी के हताहत होने या बुनियादी ढांचे को नुकसान न पहुंचने की बात कही है। इन हमलों के बाद से स्थानीय नागरिकों में भारी डर का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश कर रहे हैं।
ईरान की चेतावनी और जवाबी कार्रवाई
इस हमले का कड़ा जवाब देते हुए IRGC ने दावा किया कि उसने कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं और चेतावनी दी कि अमेरिका को इन नए हमलों के लिए बहुत पछताना पड़ेगा। सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के एक संयुक्त बयान में अमेरिका के खिलाफ कुचलने वाले और विनाशकारी प्रहार करने की धमकी दी गई है। साथ ही क्षेत्रीय पड़ोसियों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के लिए न होने दें। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को और अधिक जवाबी कार्रवाई न करने की कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया आती है तो अमेरिका उससे भी कहीं ज्यादा ताकतवर स्तर पर जवाब देगा। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि लगातार शत्रुता जारी रहने पर ईरान को एक देश के रूप में पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है।
व्यापक क्षेत्रीय संकट और कूटनीतिक हलचल
सोमवार रात होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सऊदी अरब और दक्षिण कोरिया के स्वामित्व वाले तेल टैंकरों पर मिसाइलें गिरने के बाद से व्यापक क्षेत्रीय संकट बेहद अस्थिर बना हुआ है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने एक ईरानी ड्रोन को हवा में ही मार गिराने की सूचना दी है, जबकि कतर के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हरकतों को देश की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। इन सभी विकासों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने घोषणा की है कि आने वाले हफ्तों में ईरान के बैंकिंग सेक्टर को निशाना बनाते हुए और भी प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। इस बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कूटनीतिक रास्ते खोजने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है, लेकिन दूसरी तरफ संसद के स्पीकर मोहम्मद-बागेर गालिबफ ने यह रुख बनाए रखा है कि बढ़ते दबाव के जवाब में ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रख सकता है। खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से वहां जाने वाले लोगों के लिए यह स्थिति काफी तनावपूर्ण और अनिश्चितता से भरी हुई है।