ईरान में अमेरिकी हमलों पर 77 सांसदों ने पेंटागन से जवाब मांगा

Gautam Sahu14 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान में अमेरिकी हमलों पर 77 सांसदों ने पेंटागन से जवाब मांगा

वाशिंगटन: अमेरिका के 77 सांसदों ने ईरान में हुए कई घातक सैन्य हमलों पर पेंटागन से जवाब मांगा है। सांसदों ने नागरिकों की मौतों के "भयावह पैटर्न" का हवाला दिया है। उन्होंने 26 अक्टूबर तक विस्तृत जवाब देने की समय सीमा तय की है।

सांसदों की ओर से जेसन क्रो (डी-कोलोराडो), यास्मीन अंसारी (डी-एरिज़ोना) और सारा जेकब्स (डी-कैलिफ़ोर्निया) ने 13 अक्टूबर 2026 को रक्षा सचिव पीट हेगसेथ को पत्र लिखा। इसमें इस साल किए गए हमलों के बारे में सवाल उठाए गए हैं।

विवाद के केंद्र में 28 फरवरी 2026 को होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब में शजरेह तैयबेह प्राथमिक स्कूल पर हुआ हमला है। इसमें 120 बच्चों समेत लगभग 175 लोग मारे गए। एक प्रारंभिक जांच में बताया गया है कि अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइल ने निशाना चूकने और पुरानी खुफिया जानकारी के कारण इस इमारत को निशाना बनाया।

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उसी दिन लामर्द में एक युवा खेल हॉल पर हुए हमले में 7 बच्चों समेत 21 नागरिकों की मौत हुई। पेंटागन ने इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार किया है। संयुक्त राष्ट्र की एक तथ्य-खोजी टीम ने बाद में कहा कि मिनाब स्कूल और लामर्द खेल परिसर, दोनों हमलों में अमेरिका के युद्ध अपराध करने का पर्याप्त आधार है।

एक और हमला भी जांच के दायरे में है। 1 सितंबर 2026 को होर्मोज़गान की कुहेस्तक में एक शादी के समारोह पर हमला हुआ, जिसमें दो बच्चों समेत पांच नागरिक मारे गए और लगभग 70 लोग घायल हुए। पेंटागन ने इस अभियान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की एक जांच में घटनास्थल पर अमेरिकी बम से जुड़ा सबूत मिलने की बात कही गई है।

सीनेटर किर्स्टन गिलिब्रैंड (डी-न्यूयॉर्क) और जैकी रोसेन (डी-नेवादा) इन सैन्य कार्रवाइयों से जुड़ी आधिकारिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कराने की कोशिश में लगे हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल यूएसए की अमांडा क्लासिंग ने पारदर्शिता और पीड़ितों के मुआवजे की मांग की है। उनके मुताबिक सेना को मिनाब की जगह को स्कूल के रूप में पहचानना चाहिए था।

सांसदों ने पेंटागन के नागरिक सुरक्षा कार्यक्रमों में हुई कटौती पर भी चिंता जताई है। मार्च 2025 के बाद इन कार्यक्रमों के कर्मचारियों और मिशन सहायता में बड़ी कमी की गई है। कुछ सांसदों ने इसी को जवाब में देरी का कारण माना है।

ईरान के उप विदेश मंत्री (कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामले) काज़ेम घरीबाबादी ने 11 अक्टूबर को घोषणा की कि तेहरान ने विदेशी अदालतों में अमेरिका के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए एक समिति बनाई है। अब सबकी नज़र 26 अक्टूबर की समय सीमा पर है, जब पेंटागन से सांसदों के सवालों के जवाब आने हैं।

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