सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद अमेरिका ने मिडिल ईस्ट के 12 देशों में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया

वॉशिंगटन: अमेरिका ने 18 अक्टूबर 2026 को मिडिल ईस्ट के 12 देशों में रह रहे अपने नागरिकों के लिए तत्काल सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी क्षेत्रीय तनाव बढ़ने और सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के तेज हुए हमलों के बाद दी गई है।
अमेरिकी दूतावासों ने चेतावनी दी है कि इस स्थिति की वजह से फ्लाइट रद्द हो सकती हैं, हवाई क्षेत्र बंद हो सकता है और यात्रा में बाधाएं आ सकती हैं। यह अलर्ट सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, ईरान, कतर, इराक, लेबनान, यमन और इजरायल के लिए जारी किया गया है।
अमेरिकी राजनयिक मिशनों के मुताबिक, नागरिकों को पूरी तरह सतर्क रहना चाहिए और एयरपोर्ट के कामकाज पर नजर रखनी चाहिए। उन्हें यात्रा के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार रखने की सलाह दी गई है।
यह अलर्ट सऊदी अरब के नजरान में 18 अक्टूबर को हुई एक घटना के बाद आया है। वहां हूती विद्रोहियों ने एक रिहायशी इलाके में मिसाइल दागी, जिससे कम से कम छह लोग घायल हो गए और कई घरों व वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा।
हूती हमलों ने सऊदी अरब के नागरिक हवाई अड्डों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इसकी वजह से रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ-साथ जेद्दा और दम्माम के एयरपोर्ट पर भी कामकाज प्रभावित हुआ है।
सुरक्षा विशेषज्ञों की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान हूती ड्रोन और मिसाइल हमलों के लिए खुफिया जानकारी दे रहा है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इसमें अपनी किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
इस हमले के बाद गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे सभी सदस्य देशों के लिए खतरा बताया है। वहीं, मिस्र की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने 18 अक्टूबर को घोषणा की कि वह सऊदी अरब की रक्षा के लिए हर जरूरी मदद देगा।
सऊदी अरब में तैनात अमेरिकी सरकारी कर्मियों के लिए यात्रा पर सख्त पाबंदियां लगा दी गई हैं। उन्हें यमन सीमा से 20 मील के दायरे में जाने की मनाही है। साथ ही, एयरपोर्ट इस्तेमाल करने या जिजान, असिर और नजरान जैसे प्रांतों में जाने के लिए विशेष अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
अमेरिकी नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने और स्थानीय मीडिया पर नजर रखने को कहा गया है। उन्हें रियल टाइम अपडेट के लिए स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम (STEP) में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है।
इससे पहले 15 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती हमलों की औपचारिक निंदा की थी। परिषद ने इन हमलों को लापरवाह बताया और सऊदी अरब के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया। इस बीच, तेहरान का हवाई क्षेत्र केवल आंशिक रूप से खुला है और कई देशों ने एयरलाइनों को वहां न जाने की सलाह दी है।