ईरान पर संभावित हमले की तैयारी के बीच इजरायल में उतरे अमेरिका के 10 से ज्यादा सैन्य विमान

इजरायल के हवाई अड्डों पर 10 से ज्यादा अमेरिकी सैन्य परिवहन विमान उतरे हैं। अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं।

Gautam Sahu29 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान पर संभावित हमले की तैयारी के बीच इजरायल में उतरे अमेरिका के 10 से ज्यादा सैन्य विमान

इजरायल: ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य हमले की तैयारियों के बीच पिछले 24 घंटों में अमेरिका के 10 से ज्यादा सैन्य परिवहन विमान इजरायल के नेवातिम और ओवदा एयरबेस पर उतरे हैं। इजरायली सरकारी प्रसारक कान न्यूज के मुताबिक, इनमें से ज्यादातर कार्गो फ्लाइट्स टेक्सास के एल पासो स्थित बिग्स आर्मी एयरफील्ड से आई हैं।

इन विमानों में क्या सामान लाया गया है, इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि, वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, इन शिपमेंट्स का संबंध पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की तैनाती और इजरायल के गोला-बारूद के भंडार को फिर से भरने से हो सकता है।

यह गतिविधियां ऐसे समय में हो रही हैं जब अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ एक संक्षिप्त लेकिन तीव्र सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक, इस अभियान में ईरानी नेतृत्व, परमाणु केंद्रों, ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जा सकता है। यह कार्रवाई 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद हो सकती है।

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तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए इजरायली सैन्य प्रमुख जनरल ईयाल ज़मीर ने अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर से मुलाकात की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक्सिओस को बताया कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन उसकी सफलता अनिश्चित है और वह एक केंद्रित सैन्य अभियान पर विचार कर रहे हैं।

पेंटागन ने संवेदनशील क्षेत्रीय ठिकानों से सैनिकों को हटाने, गोला-बारूद की आपूर्ति करने और फाइटर जेट व बॉम्बर्स को तैयार रखने के कदम उठाए हैं। नवंबर में पश्चिम एशिया में एक अतिरिक्त एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और मरीन एक्सपीडिशनरी यूनिट के पहुंचने की उम्मीद है।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने 20 अक्टूबर को ओवदा एयरबेस पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की थी, जहां क्षेत्रीय खतरों पर चर्चा हुई। एक इजरायली अधिकारी ने कान न्यूज को पुष्टि की है कि ट्रंप प्रशासन के अंतिम फैसले के इंतजार में दोनों देश लगातार समन्वय कर रहे हैं।

दूसरी तरफ, सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए कतर कूटनीतिक प्रयास कर रहा है। इस कोशिश में सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र का भी समर्थन मिल रहा है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सेंटकॉम ने सैन्य गतिविधियों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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