इराक से अमेरिकी सैन्य वापसी पूरी, 12 साल पुराना मिशन हुआ समाप्त

इराक से अमेरिकी सैन्य वापसी के एक महत्वपूर्ण अध्याय का समापन हो गया है। 30 सितंबर, 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका की सैन्य शक्तियों ने इराक से अपनी पूरी वापसी पूरी कर ली। यह कदम 'आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक गठबंधन' (Global Coalition to Defeat ISIL) के 12 साल लंबे मिशन की आधिकारिक समाप्ति के साथ आया है।
सुरक्षा की कमान अब इराक के हाथों में
इस सैन्य वापसी के साथ ही अब इराक की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी स्थानीय इराक-नेतृत्व वाले ऑपरेशनों को सौंप दी गई है। यह प्रक्रिया 2024 में बाइडेन प्रशासन द्वारा शुरू किए गए एक समझौते का हिस्सा थी, जिसे बाद में ट्रंप प्रशासन द्वारा लागू किया गया।
पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इस बदलाव को युद्धकालीन गठबंधन प्रयासों से हटकर एक इराक-नेतृत्व वाले सुरक्षा ढांचे की ओर बढ़ने के रूप में देखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ISIS के अवशेषों और ईरान से जुड़े मिलिशिया से निपटने की प्राथमिक जिम्मेदारी अब इराक सरकार की होगी।
इराकी नेतृत्व और क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं
इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी ने इस बदलाव का स्वागत करते हुए इसे इराक की संप्रभुता और संस्थागत मजबूती के एक नए युग के रूप में वर्णित किया। हालांकि, सुरक्षा सलाहकार कासिम अल-अराजी ने यह भी स्पष्ट किया कि वाशिंगटन के साथ सुरक्षा और खुफिया सहयोग जारी रहेगा।
इस निर्णय पर क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं:
- ईरान का पक्ष: ईरान की नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के डिप्टी चेयरमैन आमिर हयात मोक़द्दम ने इसे "रेसिस्टेंस एक्सिस" की जीत बताया।
- कुर्दिश चिंताएं: कुर्दिश अधिकारी सिरवान बरज़ानी ने चेतावनी दी कि अमेरिकी हवाई रक्षा प्रणाली हटने से ISIS के स्लीपर सेल को पुनर्गठित होने का मौका मिल सकता है।
- सुन्नी नेतृत्व: सुन्नी कबीले के नेता अब्दुल रहमान अल-ज़ोबै ने इसे समय से पहले लिया गया निर्णय बताते हुए सुरक्षा शून्यता (security vacuum) का डर जताया।
मिलिशिया निशस्त्रीकरण पर नया अपडेट
भले ही औपचारिक सैन्य मिशन समाप्त हो गया है, लेकिन सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। ईरान समर्थित मिलिशिया, जिसमें पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेस और कतइब हिजबुल्लाह शामिल हैं, को निशस्त्र करने की समय सीमा अब जून 2027 तक बढ़ा दी गई है।