हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमले का ईरान का दावा झूठा, अमेरिकी सेना ने किया खारिज.

Aanya31 August 20263 min read10 viewsWorld
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकर पर हमले का ईरान का दावा झूठा, अमेरिकी सेना ने किया खारिज.

फारस की खाड़ी के पास तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें एक तेल टैंकर पर समुद्री बारूदी सुरंग से हमले की बात कही गई थी। 31 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की आधिकारिक तौर पर पुष्टि की और कहा कि ईरान की ओर से फैलाई जा रही यह खबर पूरी तरह बेबुनियाद है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की झूठी बातें फैलाकर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC क्षेत्र में आने जाने वाले मालवाहक जहाजों और कमर्शियल शिपिंग को डराने की कोशिश कर रहा है।

ईरान का दावा और सुरक्षा नियम

इससे पहले दिन में IRGC ने यह बयान दिया था कि दक्षिण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक अज्ञात तेल टैंकर ने उनके नियमों का उल्लंघन करने की कोशिश की और इसी दौरान वह दो नौसैनिक बारूदी सुरंगों की चपेट में आ गया जिसके बाद उसे रोक लिया गया। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने उस जहाज का नाम नहीं बताया और न ही उसमें सवार लोगों को लगी चोट या नुकसान के बारे में कोई पुख्ता जानकारी दी। उन्होंने यह चेतावनी भी दी थी कि जो भी जहाज इस क्षेत्र के सुरक्षा नियमों को तोड़ेगा, उसे इसी तरह के गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका ने इस पूरे नैरेटिव को केवल अफवाह और डराने का एक तरीका बताया है।

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हालिया हमले और जवाबी कार्रवाई

यह ताजा विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में सैन्य संघर्ष काफी बढ़ गया है। इससे पहले 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी बलों ने लारक द्वीप पर बने दो ईरानी मिसाइल लॉन्चरों पर छोटे स्तर पर हमले किए थे। जुलाई महीने के अंत के बाद से ईरानी जमीन पर यह पहली अमेरिकी कार्रवाई थी। इसके जवाब में IRGC ने दावा किया था कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिनमें किंग हुसैन और अल-अजराक एयर बेस मुख्य रूप से शामिल थे। जॉर्डन के प्रशासन ने भी इस बात की पुष्टि की थी कि उन्होंने 31 अगस्त की सुबह शुरुआती घंटों में ऐसी आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया था।

ड्रोन गिराने का दावा और क्षेत्रीय चिंता

इन तमाम घटनाओं के बीच ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने 31 अगस्त 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिकी सेना का एक ड्रोन मार गिराया है। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने यह जानकारी दी थी कि उन्होंने इस क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों से ईरानी बलों द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को पहले ही सफलतापूर्वक साफ कर दिया था। इन लगातार बढ़ती हुई झड़पों की वजह से अमेरिकी अधिकारियों ने इस बात पर अपनी गहरी चिंता जताई है कि लगातार सैन्य गतिविधियों के कारण उनके मिसाइल भंडार कम हो रहे हैं और सेना की युद्ध की तैयारी पर भारी असर पड़ रहा है। इस तनाव भरे माहौल में खाड़ी देशों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के रास्तों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।

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