अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, युद्धपोतों पर मिसाइल दागने के बाद तबाह किए तीन ईरानी टैंकर.

Sushma Kumari5 September 20263 min read42 viewsWorld
अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, युद्धपोतों पर मिसाइल दागने के बाद तबाह किए तीन ईरानी टैंकर.

शनिवार, 5 सितंबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में तनाव उस समय बहुत बढ़ गया जब अमेरिकी सेना ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ईरान के तीन बड़े तेल टैंकरों को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह पूरी कार्रवाई अमेरिकी युद्धपोतों पर हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के जवाब में की गई है, जिसे लेकर दोनों देशों के बीच हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि कर दी है कि नष्ट किए गए ये सभी टैंकर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़े हुए थे। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल देखा जा रहा है, क्योंकि समुद्री मार्ग में इस तरह की हलचल का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ता है।

अमेरिकी युद्धपोतों पर हुआ था हमला

घटना की शुरुआत तब हुई जब IRGC ने अमेरिकी नौसेना के दो युद्धपोतों को निशाना बनाते हुए उन पर बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। गनीमत यह रही कि इस शुरुआती ईरानी हमले में अमेरिका का कोई भी सैनिक या कर्मचारी हताहत नहीं हुआ और सभी सुरक्षित रहे। इस उकसावे की कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी सेना ने कड़ा रुख अपनाया और जवाबी कार्रवाई करने का फैसला किया। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बहुत साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई हमारी दो नौसेना की जहाजों पर गोली चलाएगा, तो हम उसके बदले में उनके तीन जहाजों को आर्थिक नुकसान पहुंचाकर तबाह कर देंगे। अमेरिकी सेना ने अपनी इस बात को सच साबित करते हुए कुछ ही घंटों के भीतर ईरान के तीन जहाजों को अपना निशाना बना लिया।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

किन-किन जहाजों को बनाया गया निशाना

नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी यानी NITC के जिन सुपर टैंकरों को इस हमले में नष्ट किया गया उनमें M/T Downy, M/T Stark 1 और M/T Kylo शामिल हैं। सैटेलाइट तस्वीरों और आधुनिक डेटा विश्लेषण के जरिए यह सामने आया कि M/T Downy जहाज को खार्क द्वीप के पास छह समुद्री मील की दूरी पर अमेरिकी हेलफायर मिसाइल से मारा गया, जिससे उसके इंजन रूम में भारी नुकसान हुआ। ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी ने भी इस बात की पुष्टि की है कि द्वीप के पास चार मिसाइलें गिरीं। हालांकि ईरानी अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई और समय रहते सभी क्रू मेंबरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह थी कि हमलावर जहाजों में उस समय कोई तेल या अन्य कार्गो नहीं भरा था और वे खाली थे।

बाकी जहाजों की स्थिति और ईरानी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना की रिपोर्ट के अनुसार, M/T Stark 1 जहाज को जास्क के पास पूरी तरह से बेकार कर दिया गया, जबकि M/T Kylo ओमान की खाड़ी में क्रू के जहाज छोड़ने के आदेश के बाद पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया। ये सभी जहाज अरबों डॉलर के उस शैडो नेटवर्क का हिस्सा बताए जा रहे हैं जो सीधे तौर पर IRGC के संचालन में मदद करता था। इस पूरी कार्रवाई के बाद ईरान की सरकार की तरफ से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने अमेरिका पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे सैन्य मोर्चे पर सफल नहीं हो पाए, तो अब वे आर्थिक युद्ध लड़ने पर उतर आए हैं। वर्तमान में दोनों देशों के बीच समुद्री क्षेत्र में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और स्थिति पर दुनिया भर की नजर बनी हुई है।

Share:

Comments

Leave a comment