ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने कार्गो जहाज को किया निष्क्रिय

अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में M/V हुदा कार्गो शिप को निष्क्रिय किया और 'टास्क फोर्स आयरन गेट' के गठन की घोषणा की।

Gautam Sahu7 November 20262 min read0 viewsWorld
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने कार्गो जहाज को किया निष्क्रिय

ओमान की खाड़ी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की सेना ने 7 नवंबर, 2026 को एक वाणिज्यिक कार्गो जहाज को निष्क्रिय कर दिया। इस जहाज की पहचान सेंट किट्स ध्वज वाले M/V हुदा के रूप में हुई है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, यह जहाज ईरानी बंदरगाह की यात्रा के बाद क्षेत्रीय जलक्षेत्र से निकलने की कोशिश कर रहा था, जिसे सक्रिय नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन माना गया।

कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सैन्य विमान ने जहाज के पिछले हिस्से (stern) पर सटीक निर्देशित गोला-बारूद दागा, जिससे वह स्थिर हो गया। सेना ने बताया कि चालक दल ने बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जहाज के विशिष्ट हिस्सों को खाली करने के आदेशों का पालन नहीं किया। इस पूरे ऑपरेशन में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

सेंटकॉम अधिकारियों ने नाकाबंदी के प्रवर्तन पर ताजा आंकड़े साझा किए हैं। यह नाकाबंदी 14 जुलाई, 2026 को फिर से शुरू की गई थी। तब से अब तक अमेरिकी बलों ने नियमों का पालन करने वाले 147 वाणिज्यिक जहाजों को सफलतापूर्वक मोड़ा है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले पांच मर्चेंट जहाजों को निष्क्रिय किया गया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के शैडो नेटवर्क से जुड़े 10 ईरानी वाणिज्यिक तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया गया है।

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सैन्य अनुमानों के अनुसार, इन अवरोधक प्रयासों की वजह से ईरान 25 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के कच्चे तेल का निर्यात करने से वंचित रहा है।

इसी घटना के साथ सेंटकॉम ने 'टास्क फोर्स आयरन गेट' की स्थापना की घोषणा की है। फ्लोरिडा के टाम्पा में मुख्यालय वाली इस नई टास्क फोर्स का काम नाकाबंदी के दायरे को समुद्री मार्गों से आगे बढ़ाना होगा। यह ईरान की जमीनी सीमाओं और कैस्पियन सागर के जरिए उन्नत हथियारों, दोहरे उपयोग वाली तकनीक, प्रतिबंधित सामग्री और अवैध राजस्व स्रोतों की आवाजाही को निशाना बनाएगी।

सेंटकॉम के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि इस टास्क फोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि आतंकवाद को वित्तपोषित करने, सैन्य भंडार को फिर से भरने और हथियारों के उत्पादन केंद्रों के पुनर्निर्माण की ईरान की क्षमता को और अधिक सीमित किया जा सके।

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