US Strikes Iran: अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर किया बड़ा हमला, फारुक की खाड़ी में तनाव तेज

अमेरिका की सेना ने ईरान के अंदर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकानों पर मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को दोपहर 12:00 बजे कई बड़े हमले किए। ईरान के बंदरगाह शहरों बंदर अब्बास, सिरीक और قشم (Qeshm) द्वीप पर जोरदार धमाके सुने गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और आम लोगों के बीच डर का माहौल बन गया।
US Central Command का बड़ा बयान और समुद्री कार्रवाई
US Central Command (CENTCOM) ने इस मिलिट्री ऑपरेशन की पुष्टि की और बताया कि यह कार्रवाई ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों और अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिशों का सीधा जवाब थी। CENTCOM ने ईरान के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया जिसमें एक टैंकर में माइनिंग करने की बात कही गई थी। अमेरिकी सेना ने बताया कि नौसेना की नाकाबंदी के तहत उन्होंने अब तक 84 कमर्शियल जहाजों को दूसरे रास्ते पर भेजा है, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया है और दो जहाजों पर बोर्डिंग की है।
सप्ताह के अंत में लगातार बढ़ा तनाव
यह सैन्य कार्रवाई पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तनाव का नतीजा है। बीते रविवार, 30 अगस्त को अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लारक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाया था। IRGC का दावा था कि इस हमले में कई ईरानी लड़ाके और आम नागरिक हताहत हुए थे। इसके जवाब में ईरान ने सोमवार, 31 अगस्त को जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए, जहां आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया। इसके अलावा यूएई में अल मनहद एयरबेस पर भी हमले की खबर आई, हालांकि यूएई सरकार ने इस हमले के दावे को खारिज किया और बताया कि उन्होंने एक ड्रोन को सफलतापूर्वक हवा में मार गिराया था।
अमेरिका का नया प्रतिबंध और कड़े फैसले
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इन जवाबी हमलों को मंजूरी दी थी और साफ किया कि अमेरिकी सरकार ईरानी आक्रामकता का जवाब देगी, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच पूर्ण युद्ध की शुरुआत हो रही है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने घोषणा की कि उनका प्रशासन ईरान के वित्त, विमानन और समुद्री क्षेत्रों पर शिकंजा कसने के लिए पांच नए नियमों को लागू कर रहा है। इन प्रतिबंधों का सीधा असर डिजिटल एसेट्स, एयरलाइन लीजिंग कंपनियों और IRGC से जुड़े लोगों पर पड़ेगा। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि आने वाले समय में हॉर्मुज जलडमरूमध्य ऊर्जा आपूर्ति के लिए असुरक्षित हो सकता है।
ईरान और रूस की बैठक के बाद कड़ी चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian इन दिनों रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin के साथ बैठकों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन किसी भी प्रकार के हमले का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। ईरानी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ और खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर की तरफ से एक साझा बयान जारी किया गया जिसमें चेतावनी दी गई कि अमेरिकी हमलों के लिए इस्तेमाल होने वाले हर ठिकाने को निशाना बनाया जाएगा और अमेरिका को क्षेत्र छोड़कर जाना होगा ताकि बड़े नुकसान से बचा जा सके।