ईरान के ठिकानों पर हमले के लिए अमेरिका मदर ऑफ ऑल बम पर विचार कर रहा

वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ईरान के ऊर्जा ढांचे और परमाणु ठिकानों के खिलाफ संभावित हमलों की योजनाओं में GBU-43/B मदर ऑफ ऑल बम, यानी MOAB, को शामिल कर रही है, ऐसी खबर है। सीएनएन ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में कई अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक ये योजनाएं तब सक्रिय होंगी, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध फिर से शुरू करने का आदेश दें। यह आदेश 3 नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनाव से पहले या उसके बाद दिया जा सकता है।
पेंटागन के अधिकारियों ने कहा कि विभाग राष्ट्रपति और रक्षा सचिव के निर्देशों के अनुसार कई तरह की परिचालन स्थितियों के लिए नियमित रूप से तैयारी करता है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने सैन्य योजना पर टिप्पणी से इनकार किया, लेकिन दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल न करने देने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी विकल्प खुले हैं।
सूत्रों के अनुसार मदर ऑफ ऑल बम कितना कारगर होगा, इस पर अंदरूनी बहस चल रही है। खासकर पिकैक्स माउंटेन जैसे गहराई में दबे या मजबूती से किलेबंद ठिकानों के मामले में यह सवाल उठ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हथियार मुख्य रूप से विस्तृत क्षेत्र में तबाही के लिए बना है, इसलिए इसे गहरी पैठ के बजाय मनोवैज्ञानिक असर के लिए देखा जा सकता है।
अधिकारियों ने इस हथियार के विस्फोट के विस्तृत दायरे को देखते हुए नागरिकों की जान को लेकर चिंता जताई है।
ट्रंप ने 8 अक्टूबर 2026 को कहा था कि अमेरिका चुनाव से पहले ईरान पर नए हमले शुरू नहीं करेगा, लेकिन चुनाव के बाद सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला रखा है। अमेरिका फरवरी 2026 से ईरान के साथ जारी संघर्ष में उलझा है। इस बीच कूटनीतिक प्रयास ठप पड़े हैं और अमेरिका का ध्यान अब आर्थिक दबाव की ओर गया है।