ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य योजना 'पागलपन', सीनेटर क्रिस मर्फी ने दी चेतावनी
सीनेटर क्रिस मर्फी ने नवंबर चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की योजना को खतरनाक बताया है।

वॉशिंगटन: अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने 3 नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को तेज करने की कथित सरकारी योजना को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। उन्होंने इस रणनीति को 'पागलपन' करार देते हुए कहा कि इससे विनाशकारी तनाव बढ़ेगा और कानून के शासन के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता कमजोर होगी।
सीनेट की विदेश संबंध और विनियोग समितियों के सदस्य मर्फी ने 28 अक्टूबर को मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट में एक कार्यक्रम के दौरान यह बात कही। 29 अक्टूबर को उन्होंने अपनी चिंताओं को दोहराते हुए बताया कि हालांकि इस योजना के विशिष्ट विवरण गोपनीय हैं, लेकिन प्रस्तावित कार्रवाइयां अपने निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने में विफल रहेंगी।
दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 30 अक्टूबर को जारी संघर्ष पर बात करते हुए दावा किया कि यह युद्ध जल्द ही समाप्त हो जाएगा। ट्रम्प ने शर्त रखी कि इसके लिए यह गारंटी होनी चाहिए कि ईरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अक्टूबर की शुरुआत में ही हमलों को तेज करने की योजना सौंपी थी। इस रणनीति में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की संभावना है, जिस पर सीनेटर मर्फी ने चिंता जताई है। साथ ही इसमें इजरायल के साथ समन्वय कर ईरानी तेल निर्यात की नाकाबंदी करने और पेट्रोकेमिकल सुविधाओं पर बमबारी करने की योजना शामिल है।
अमेरिकी अधिकारियों ने खाड़ी के अरब देशों को भी एक संक्षिप्त लेकिन उच्च तीव्रता वाले हमले के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। आंकड़ों के अनुसार, 16 अक्टूबर तक इस संघर्ष में अमेरिका का 47.1 अरब डॉलर का खर्च हो चुका है, जिसमें से 60 प्रतिशत से अधिक राशि मिसाइलों, बमों और गोला-बारूद पर खर्च हुई है।
호र्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव बरकरार है। अक्टूबर की शुरुआत से अब तक ईरानी बलों ने कम से कम 35 जहाजों पर हमला किया है, जिसमें 30 अक्टूबर को भी एक हमला दर्ज किया गया। ईरानी सेना ने अब छोटी नावों में विस्फोटक बांधकर हमला करने की रणनीति अपना ली है।
सैन्य तैयारी के बीच, 30 अक्टूबर को कतरी मध्यस्थ शांति समझौते की कोशिशों के लिए तेहरान पहुंचे। वहीं, राष्ट्रपति ट्रम्प ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस द्वारा ईरानी अधिकारियों से किए गए हालिया राजनयिक संपर्क को कमतर बताते हुए कहा कि यह व्यापक शांति वार्ता के बजाय चिकित्सा सहायता पर केंद्रित एक मानवीय प्रयास है।