ईरान पर संभावित हमले के लिए अमेरिकी सेना ने अरब सागर में युद्धपोतों पर मिसाइल और बम लोड करना शुरू किया

अमेरिकी नौसेना ने अरब सागर में मिसाइल और बम लोड करना शुरू किया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Gautam Sahu24 October 20262 min read0 viewsWorld
ईरान पर संभावित हमले के लिए अमेरिकी सेना ने अरब सागर में युद्धपोतों पर मिसाइल और बम लोड करना शुरू किया

अरब सागर: मिडिल ईस्ट में अमेरिकी नौसेना ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अरब सागर में तैनात यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप सहित अन्य युद्धपोतों पर हथियार और विमान तैयार किए जा रहे हैं।

24 अक्टूबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सैन्यकर्मी युद्धपोतों पर लंबी दूरी की लैंड-अटैक मिसाइलें और बंकर-बस्टर बम लोड कर रहे हैं। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी कर्मियों को मिलने वाले खतरों से जुड़ी खुफिया जानकारी बढ़ी है।

नेशनल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जे क्लेटन ने 23 अक्टूबर को एक मेमोरेंडम जारी किया था। उन्होंने बताया कि विदेश में अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की ईरानी साजिशें काफी आगे बढ़ चुकी हैं।

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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर तेहरान के साथ कोई समझौता नहीं होता है, तो सैन्य कार्रवाई एक विकल्प बनी रहेगी। हालांकि, व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले किसी भी आक्रामक ऑपरेशन की उम्मीद नहीं है।

दूसरी तरफ, ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अली अब्दुल्लाही ने 24 अक्टूबर को चेतावनी दी कि अमेरिकी युद्धपोतों को फारस की खाड़ी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। ईरान ने धमकी दी है कि हमला होने पर वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों, क्षेत्रीय युद्धपोतों और समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबलों जैसे बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।

क्षेत्र में अस्थिरता लगातार बढ़ रही है। यमन के अदन एयरपोर्ट और पोर्ट इलाके में धमाकों की खबरें आई हैं, वहीं सऊदी नेतृत्व वाले देशों ने सना पर हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के पास दो सुपरटैंकरों के समुद्री सुरंगों से टकराने की खबर है।

ईरान और उसके समर्थकों से बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने जॉर्डन, लेबनान, कतर और यूएई स्थित दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या कम कर दी है। तुर्की में अमेरिकी राजदूत टॉम बैराक ने सुझाव दिया है कि अमेरिका के पास इस वीकेंड तक हमले करने की क्षमता है, जबकि ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन बातचीत की अपील कर रहे हैं।

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