US Military ने ईरान के दावों को नकारा, कहा नेवी पर कोई हमला नहीं हुआ और सभी मिसाइलें फेल हुई.

Sushma Kumari9 September 20263 min read24 viewsWorld
US Military ने ईरान के दावों को नकारा, कहा नेवी पर कोई हमला नहीं हुआ और सभी मिसाइलें फेल हुई.

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें अमेरिकी नौसेना के दो डिस्ट्रॉयर जहाजों को सफल तरीके से निशाना बनाने की बात कही गई थी। अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक रूप से यह साफ किया है कि उनके किसी भी युद्धपोत को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और ईरान के सभी हमले पूरी तरह से नाकाम साबित हुए हैं। इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी अमेरिकी सैनिक या कर्मचारी को खरोंच तक नहीं आई है और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।

IRGC के दावे और क्षेत्रीय देशों का रिएक्शन

ईरान के संगठन IRGC ने यह दावा किया था कि उन्होंने 'या हैदर कर्रार' नाम के ऑपरेशन के तहत अमेरिका के आर्ले बर्क-क्लास डिस्ट्रॉयर जहाजों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान के मुताबिक उसने USS Delbert D. Black (DDG-119) और USS John Paul Jones (DDG-53) को निशाना बनाया था और यह कार्रवाई अमेरिकी जहाजों द्वारा ईरानी नौकाओं को परेशान करने के जवाब में की गई थी। इसके अलावा ईरान ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी संचालित Al-Azraq एयरबेस पर भी हमले का दावा किया था जहां F-35, F-16 और F-15 जैसे लड़ाकू विमान रखे हुए हैं। हालांकि जॉर्डन की सेना ने इन दावों की सच्चाई सामने लाते हुए बताया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की तरफ से दागी गई 20 बैलिस्टिक मिसाइलों में से 18 को हवा में ही नष्ट कर दिया जबकि बाकी दो मिसाइलें किसी सुनसान इलाके में गिरी जिससे कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।

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खाड़ी देशों में जहाजों पर खतरा और अमेरिका की सख्त कार्रवाई

ईरान के इन हमलों के दायरे में फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य भी रहे जहां कई तेल टैंकरों को निशाना बनाने की बात कही गई। IRGC ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर खड़े टैंकरों के क्रू सदस्यों को तुरंत वहां से निकलने की चेतावनी भी जारी की थी। दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 8 सितंबर 2026 को ईरान के पांच कच्चे तेल के जहाजों को नष्ट कर दिया। इन जहाजों में M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1, M/T Riesco और खाड़ी के ओमान क्षेत्र में M/T Derya शामिल थे जिन्हें खार्स द्वीप के पास निशाना बनाया गया। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अगर ईरान आगे भी अमेरिकी नौसेना की संपत्तियों पर हमला करने की कोशिश करेगा तो अमेरिका इसी तरह उनके तेल टैंकरों को निशाना बनाता रहेगा।

अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंधों का ऐलान

इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने 9 सितंबर 2026 को ईरान के विमानन क्षेत्र से जुड़ी 36 संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं जिनमें 27 एयरलाइंस भी शामिल हैं। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत की गई है क्योंकि इन एयरलाइंस और कंपनियों पर हथियारों और अवैध सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का गंभीर आरोप है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारत आने-जाने वाले लोगों के लिए इस समय हालात पर नजर रखना जरूरी हो गया है क्योंकि क्षेत्रीय स्तर पर तनाव बढ़ने से विमानन सेवाओं और समुद्री रास्तों पर सीधा असर पड़ रहा है।

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