ईरान के हमलों के बावजूद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुला है और 97 फीसदी जहाज वहां से सुरक्षित गुजर रहे हैं: अमेरिकी सेना

वॉशिंगटन: अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में आने वाले 97 प्रतिशत जहाज ईरान के प्रोजेक्टाइल हमलों से बचे हैं और सुरक्षित रूप से वहां से गुजरे हैं। सेना के मुताबिक, व्यावसायिक जहाजों पर हमलों के बावजूद यह रणनीतिक समुद्री रास्ता पूरी तरह खुला है।
यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता नेवी कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि समन्वित नौसैनिक सुरक्षा प्रयासों की वजह से हजारों व्यावसायिक जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री गलियारे से सुरक्षित निकल पाए हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में एक कंटेनर जहाज इस जलमार्ग में डूब गया था।
सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि बुधवार को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे सिंगापुर ध्वज वाले कंटेनर जहाज 'जीएफएस प्राइड' पर ईरानी प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ था। इस जहाज का स्वामित्व साइप्रस की एक संस्था के पास है। हमले के बाद जहाज में आग लग गई और किनारे की ओर खींचते समय वह डूब गया।
कैप्टन हॉकिन्स ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले निर्दोष नागरिक नाविकों पर ईरान के अधिकांश हमले असफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने हजारों जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने में मदद की है और यह रास्ता पारगमन के लिए उपलब्ध है।
दूसरी ओर, अमेरिकी एडमिरल ब्रैड कूपर ने दावा किया कि अमेरिका द्वारा समुद्री व्यापार रोकने के कारण ईरान वित्तीय संकट का सामना कर रहा है और अपने प्रॉक्सी मिलिशिया को फंड देने में असमर्थ है। कूपर के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान की अर्थव्यवस्था और विशेष रूप से आईआरजीसी (IRGC) को गहरा झटका दिया है।
सेंटकॉम ने दावा किया कि तेल निर्यात प्रभावित होने से ईरान को 25 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है, जबकि 350 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी फ्रीज कर दी गई है। एडमिरल कूपर ने बताया कि ऊर्जा, तेल, स्टील, भारी उद्योग, विनिर्माण, ऑटोमोटिव, विमानन, निर्माण और सैन्य जैसे कई क्षेत्रों में ईरान को कमी का सामना करना पड़ रहा है।
अमेरिकी सेना ने अपनी पकड़ का दावा करते हुए बताया कि पिछले सात दिनों में 400 जहाज इस जलमार्ग से गुजरे हैं। इसी अवधि में अमेरिका ने खाड़ी देशों के सहयोगियों को 10 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल की शिपिंग में मदद की है, जबकि पिछले कुछ महीनों में यह आंकड़ा 1.3 अरब बैरल से अधिक रहा है।
वहीं, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि दो मिलियन बैरल से अधिक कच्चे तेल ले जा रहे एक अवैध सुपरटैंकर को समुद्री सुरंग से टक्कर लगी है। ईरानी एजेंसी ISNA के अनुसार, इस घटना के कारण धमाका हुआ और भीषण आग लग गई। यूकेएमटीओ (UKMTO) की साप्ताहिक समीक्षा के मुताबिक, ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में ऐसी 135 घटनाएं हो चुकी हैं।