अमेरिका ने ईरान पर किया सैन्य हमला, क्यूशम और होर्मुज स्ट्रेट में हुए कई जोरदार धमाके

Praggya Singh sabal1 September 20262 min read20 viewsWorld
अमेरिका ने ईरान पर किया सैन्य हमला, क्यूशम और होर्मुज स्ट्रेट में हुए कई जोरदार धमाके

हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव काफी बढ़ गया है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और काम करने वाले प्रवासियों के मन में भी चिंता का माहौल बन गया है। 1 सितंबर 2026 को ईरानी सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB ने यह जानकारी दी कि अमेरिका की सेना ने ईरान के क्यूशम में एक मछली पाउडर फैक्ट्री और होर्मुज प्रांत के कई आम इलाकों को निशाना बनाकर हमले किए हैं। इन हमलों के बाद बंदर अब्बास और क्यूशम के पास कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। मसान गांव के पास पांच से ज्यादा और होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में चार अन्य धमाके दर्ज किए गए, हालांकि इन घटनाओं में तुरंत किसी के हताहत होने की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस बात की पुष्टि की कि उनकी फौजें ईरान के अंदर चुनिंदा ठिकानों पर लगातार हमले कर रही हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक यह कार्रवाई हाल ही में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिकों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि उनका यह सैन्य अभियान बेहद सीमित और सटीक है, जिसका मुख्य मकसद आईआरजीसी के सैनिकों को नए माइंस बिछाने से रोकना है ताकि वैश्विक व्यापार और समुद्री रास्ते सुरक्षित रह सकें। इससे पहले 30 अगस्त 2026 को भी अमेरिका ने लरक द्वीप पर रॉकेट लॉन्चर्स को निशाना बनाकर हमला किया था।

शांति समझौते की पेशकश और कूटनीतिक पहल

इस क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल दागने की कोशिश की थी, जिसे हवा में ही नाकाम कर दिया गया। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE ने भी एक ईरानी ड्रोन की गतिविधि को रोक दिया। लगातार चल रही इन झड़पों और गोलाबारी के बीच ईरानी राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिका के साथ जून महीने के पुराने युद्धविराम समझौते पर वापस लौटने की पेशकश की। यह कूटनीतिक बयान ठीक उस समय आया जब दोनों देशों के बीच weekend पर लगातार हमलों का दौर चल रहा था। इससे पहले ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघाएर गालिबाफ ने क्यूशम में आम नागरिकों के रिहायशी इलाकों पर अमेरिकी हमलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव की एक बड़ी वजह बने हुए हैं।

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