ट्रंप ने माना: ईरान की नई एंटी-एयरक्राफ्ट साइट पर अमेरिका ने रात में हमला किया
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के एंटी-एयरक्राफ्ट फैसिलिटी पर अमेरिकी हमले की पुष्टि की है। जानें क्या है पूरा मामला।

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने रात भर में ईरान के खिलाफ सैन्य हमले किए हैं। ट्रंप ने इस ऑपरेशन को एक 'मामूली हमला' बताया है और इस बात पर जोर दिया है कि यह कार्रवाई युद्ध की शुरुआत नहीं है।
मंगलवार को 'फॉक्स एंड फ्रेंड्स' को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि अमेरिकी बलों ने ईरान की एक नई बनी एंटी-एयरक्राफ्ट फैसिलिटी को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस ठिकाने की करीब दो महीने से निगरानी की जा रही थी।
ट्रंप ने कहा, "जैसे ही यह बनकर तैयार हुआ, हमने कल रात बहुत अच्छे तरीके से इस पर हमला किया।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह बहुत अधिक लोगों को मारने की कोशिश नहीं कर रहे हैं, लेकिन वह निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
यह हमला सोमवार को होरेमुज़ जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर की गई रक्षात्मक सैन्य कार्रवाइयों के बाद हुआ है। प्रशासन और युद्ध सचिव पीट हेगसेथ के कार्यालय के अधिकारियों ने इन कदमों को सीमित और रक्षात्मक बताया है। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई ईरानी सेना द्वारा एक अमेरिकी विमान पर गोली चलाने के जवाब में की गई थी।
ये तमाम घटनाक्रम 3 नवंबर, 2026 को अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों के बीच सामने आए हैं। उधर तेहरान में ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबबादी ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे निरंतर किया जा रहा आक्रमण करार दिया है। ग़रीबबादी ने कहा कि ईरान के पास आत्मरक्षा का अधिकार है और देश "किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।"
तनाव बढ़ने के बावजूद दोनों देशों ने राजनयिक बातचीत में अपनी रुचि दिखाई है। वर्तमान में कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि बातचीत के जरिए किसी संभावित समझौते तक पहुंचा जा सके।