अमेरिका में हथियारों की भारी कमी, ईरान के खिलाफ युद्ध के बाद दुनिया भर में डिफेंस स्टॉकपिल पर मंडराया संकट.

Praggya Singh sabal30 August 20263 min read20 viewsWorld
अमेरिका में हथियारों की भारी कमी, ईरान के खिलाफ युद्ध के बाद दुनिया भर में डिफेंस स्टॉकपिल पर मंडराया संकट.

अमेरिकी मिलिट्री प्लानर्स यानी सैन्य योजनाकारों के बीच इस बात को लेकर चिंता बढ़ गई है कि ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए पश्चिम एशिया में भेजे गए हथियारों की वजह से ग्लोबल स्टॉकपिल यानी वैश्विक भंडार खाली हो चुके हैं। इस कमी की वजह से वाशिंगटन की उस क्षमता में बड़े खतरे पैदा हो गए हैं, जिसके जरिए उसे चीन और रूस से मिलने वाले संभावित खतरों का मुकाबला करना था। अधिकारियों के मुताबिक रणनीतिक हथियारों के मौजूदा भंडार को सबसे खतरनाक स्तर तक गिर चुका माना जा रहा है।

रणनीतिक हथियारों की मौजूदा स्थिति और वैश्विक प्रभाव

विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि नाटो पर रूस का कोई बड़ा हमला या ताइवान पर चीन का आक्रमण अभी तुरंत होने की उम्मीद नहीं है, फिर भी हथियारों के मौजूदा स्तर ने ग्लोबल मिलिट्री पोश्चर यानी वैश्विक सैन्य स्थिति में गलती की गुंजाइश को बेहद कम कर दिया है। सैन्य विशेषज्ञों ने यह भी नोट किया कि हथियारों का यह खाली होना विशेष रूप से यूरोप और एशिया के क्षेत्रों में बहुत ज्यादा गंभीर है। पेंटागन अब ताइवान की रक्षा के लिए बनाई गई मौजूदा आकस्मिक योजनाओं को पूरी तरह से लागू करने में असमर्थ हो सकता है, यदि चीन की तरफ से कोई हमला होता है। इंटरसेप्टर मिसाइलें और अन्य जरूरी हथियार दूसरे थियेटर्स की कीमत पर पश्चिम एशिया की तरफ ट्रांसफर कर दिए गए हैं। अमेरिकी यूरोपीय कमांड को अपने खुद के ऑपरेशनल प्लानिंग में भी इन घटते भंडारों की वजह से जरूरी बदलाव करने पड़े हैं।

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सरकारी बयान और आधिकारिक प्रतिक्रिया

व्हाइट हाउस और पेंटागन ने उन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें यह कहा जा रहा था कि अमेरिकी सेना के पास हथियारों की कोई कमी है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता Anna Kelly ने आधिकारिक तौर पर बयान दिया कि अमेरिकी सेना के पास रणनीतिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए गोला-बारूद और स्टॉकपिल जरूरत से कहीं ज्यादा मात्रा में मौजूद हैं। इसके अलावा पेंटागन के प्रवक्ता Sean Parnell ने भी हथियारों की कमी से जुड़ी इन सभी रिपोर्ट्स को पूरी तरह से झूठा बताया। ट्रंप प्रशासन का यह साफ कहना है कि सभी एक्टिव थियेटर्स के लिए डिफेंस संसाधन अभी भी पर्याप्त बने हुए हैं।

जमीनी हकीकत और भविष्य की तैयारी

हवा में सुरक्षा देने वाले डिफेंस सिस्टम्स के आने-जाने की वजह से दुनिया भर में अमेरिकी सुरक्षा कवरेज के अंदर कुछ कमजोर हिस्से पैदा हो गए हैं। कुछ अनुमानों के अनुसार मध्य पूर्व में इस्तेमाल किए गए खास हथियारों के भंडारों को पूरी तरह से दोबारा भरने में लगभग छह साल तक का लंबा समय लग सकता है। डिपार्टमेंट इन सभी लॉजिस्टिक दबावों को मैनेज कर रहा है और सेक्रेटरी ऑफ वॉर Pete Hegseth वर्तमान में बाकी बचे हुए रणनीतिक हथियारों के दोबारा वितरण की देखरेख कर रहे हैं। ताइवान के अधिकारियों ने पैट्रियट एडवांस्ड कैपबिलिटी इंटरसेप्टर की पेंडिंग डिलीवरी मिलने में हो रही भारी देरी को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। अमेरिकी अधिकारी लगातार इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि पश्चिम एशिया में तुरंत लड़ने की जरूरतों और दूसरे प्रतिस्पर्धी देशों के खिलाफ डिफेंस बनाए रखने की आवश्यकताओं के बीच कैसे संतुलन स्थापित किया जाए। आने वाले वित्त वर्ष के लिए यह एक सबसे बड़ा केंद्रीय मुकाबला बना हुआ है कि क्या डिफेंस प्रोडक्शन लाइन्स इन दूरियों और कमियों को पूरा करने के लिए अपनी रफ्तार को तेज कर पाएंगी या नहीं।

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