US Missile Strikes: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेज, खुजेस्तान प्रांत में मिसाइल हमलों में सात लोगों की मौत.

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब खतरनाक रूप ले चुका है। हाल ही में ईरान के खुजेस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमलों की वजह से सात लोगों की जान चली गई है। इस बड़ी घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है और आम लोग अपनी सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। इस हमले की पुष्टि ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा की गई है।
खुजेस्तान और होरमोज़गान प्रांत में हुआ भारी नुकसान
खुजेस्तान प्रांत में सुरक्षा मामलों के उप-राज्यपाल Valiollah Hayati ने जानकारी दी कि अहवाज़ और अघजारी शहरों के पास दो अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया गया था। अकेले अहवाज़ शहर के पास के इलाकों में तीन लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा, ईरान और इराक के बीच बने शलाम्चेह बॉर्डर क्रॉसिंग के पैसेंजर टर्मिनल पर भी हमला किया गया। हालांकि अधिकारियों ने यह साफ कर दिया है कि बचाव और खोज अभियान के बीच यह टर्मिनल अभी भी चालू हालत में है।
एक दूसरी घटना में होरमोज़गान प्रांत के सिरिक इलाके के कुहेस्तलक में शादी के जश्न के दौरान अमेरिकी मिसाइल से हमला किया गया। इस दिल दहला देने वाले हमले में चार से पांच आम नागरिकों की मौत हो गई, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है। इस हमले में पचास से ज्यादा लोग घायल भी हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अमेरिकी अत्याचार का सिलसिला बताया है.
अमेरिका ने हमलों को बताया जायज
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इन हमलों को स्वीकार किया है और इन्हें बहुत बड़ा, ताकतवर और पूरी तरह जायज करार दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने बयान दिया है कि यह सैन्य कार्रवाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की संपत्तियों को निशाना बनाने के लिए की गई थी। यह जवाबी कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि ईरान ने होरमोज़गान जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की थी और अमेरिकी सैन्य कर्मियों पर हमले किए थे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी बताया कि जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर आठ मिसाइलें दागी गई थीं, जो इस जवाबी कार्रवाई का एक मुख्य कारण था।
क्षेत्रीय संघर्ष में आई तेजी
इन घटनाओं के साथ ही क्षेत्रीय संघर्ष में भी भारी तेजी देखने को मिल रही है। ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। उनका कहना है कि इस हमले में यूएवी हेंगर को निशाना बनाया गया जिससे ड्रोन नष्ट हो गए और सैनिकों को भी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, ईरानी सेना ने बताया कि उन्होंने बहरीन के शेख ईसा बेस पर रडार इंस्टॉलेशन और सैनिकों के जमावड़े को निशाना बनाने के लिए ड्रोन्स का इस्तेमाल किया। वहीं, कुवैत की एयर डिफेंस फोर्स ने ईरान की तरफ से आने वाली संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों का जवाब दिया। 2 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, यह पूरा क्षेत्र युद्ध जैसे हालात से जूझ रहा है और लगातार सैन्य झड़पें जारी हैं।