US Navy Blockade: अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाई सख्ती, 86 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट.

Aanya2 September 20263 min read26 viewsWorld
US Navy Blockade: अमेरिका ने ईरान पर बढ़ाई सख्ती, 86 कमर्शियल जहाजों को किया डायवर्ट.

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने ईरान के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और ज्यादा तेज कर दिया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी नौसेना ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के पास कड़ा पहरा बिठा रखा है और अब तक कुल 86 कमर्शियल जहाजों को उनके रास्ते से डायवर्ट किया जा चुका है। अमेरिका का यह सख्त रुख इस बात का प्रतीक है कि वह ईरान के समुद्री व्यापार और उसकी गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पूरी तरह से तैयार बैठा है। इस ब्लॉकड यानी नाकाबंदी के चलते खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और वहां की यात्रा करने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल साफ देखा जा सकता है क्योंकि इसका असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है।

कड़े नियमों के साथ जारी है नेविगेशन और चेकिंग

अमेरिकी सेना की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, यह नाकाबंदी मूल रूप से 14 जुलाई 2026 को फिर से लागू की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य ईरानी बंदरगाहों और तटीय इलाकों तक किसी भी तरह की जरूरी सामग्री या रसद की सप्लाई को रोकना है। हालांकि मानवीय सहायता और खाने-पीने के सामान ले जाने वाले जहाजों को पूरी जांच के बाद जाने की अनुमति दी जा रही है। जो जहाज इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, उन्हें रेडियो संदेश के जरिए रास्ता बदलने का आदेश दिया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सैनिक जहाजों पर चढ़कर उनकी पूरी तलाशी भी ले रहे हैं। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि जो जहाज ईरान के अलावा अन्य बंदरगाहों पर आ-जा रहे हैं, उन्हें किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाएगा और न ही रोका जाएगा।

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सैन्य कार्रवाई और टैंकर्स पर बड़ा फैसला

स्थिति तब और ज्यादा तनावपूर्ण हो गई जब 2 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, बारूदी सुरंगे बिछाने की क्षमता वाले उपकरण और कम्यूनिकेशन नेटवर्क को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना ने यह कदम ईरान द्वारा कमर्शियल शिपिंग और अमेरिकी सैनिकों पर लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में उठाया है। इसके अलावा अमेरिका ने एक नई 'टैंकर-फॉर-टैंकर' नीति भी शुरू की है, जिसके तहत बंदर अब्बास के पास ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमले की खबर सामने आई है ताकि क्षेत्रीय आक्रामकता को रोका जा सके।

नागरिकों की मौतों पर जांच और ईरान के दावे

इस बीच ईरानी सरकारी मीडिया की तरफ से एक बड़ा और संवेदनशील दावा किया गया है कि दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह के दौरान अमेरिकी हमले में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इन रिपोर्ट्स का संज्ञान लेते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है और यह स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सेना कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाती है। दूसरी तरफ ईरान ने यह भी दावा किया है कि उसके दो गैर-अनुपालन वाले तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसैनिक खानों से टकराने के बाद आग की चपेट में आ गए और ईरान ने इसके बदले में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। हालांकि अमेरिकी सेना ने ईरान के इन बयानों और नौसैनिक खानों वाले दावों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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