अमेरिका का कड़ा फैसला, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कारोबार करने वालों पर लगेंगे नए प्रतिबंध.

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी आर्थिक घेराबंदी को और ज्यादा सख्त करने का बड़ा फैसला लिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ कर दिया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के साथ कारोबार करेगा, उसे अब अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा। वाशिंगटन की तरफ से इस हफ्ते के दौरान ही एक ईरानी बैंक पर भी नए प्रतिबंध लगाए जाने की पूरी संभावना जताई गई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कारोबार जगत में हलचल तेज हो गई है।
ईरान की सैन्य क्षमता को हुआ भारी नुकसान
हाल ही में हुई जी20 वित्तीय बैठक के दौरान अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट ने ईरान के मौजूदा हालातों पर खुलकर बात की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की वजह से ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन बनाने की क्षमता को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। उनके मुताबिक, ईरान में ड्रोन बनाने वाली ज्यादातर फैक्ट्रियों को तबाह कर दिया गया है, जिसकी वजह से ईरानी शासन इस समय आर्थिक और सैन्य मोर्चे पर बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहा है। अमेरिका की यह रणनीति सीधे तौर पर ईरानी सरकार पर आर्थिक दबाव को कई गुना बढ़ाने की है ताकि उनकी सैन्य ताकत को कमजोर किया जा सके।
तीसरे देशों के कारोबारियों पर भी होगी पैनी नजर
अमेरिकी प्रशासन का यह नया शिकंजा सिर्फ ईरान के अंदरूनी कारोबार तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि ईरान या उसकी सेना के साथ व्यापार करने वाले तीसरे देशों के व्यापारी और वित्तीय संस्थान भी इस कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। अमेरिकी सरकार इस समय दुनिया भर में फैली IRGC की संपत्तियों का पता लगाने में जुटी हुई है ताकि उन सभी ठिकानों को एक-एक करके निशाना बनाया जा सके। इस पूरी मुहिम का मुख्य उद्देश्य ईरान की वित्तीय रीढ़ को तोड़ना और उसके सैन्य ढांचे को आर्थिक रूप से पंगु बनाना है। इस मामले की विस्तृत जानकारी आप हिन्दुस्थान समाचार पर देख सकते हैं।